आवर्ती जमा क्या होता है – What is Recurring Deposit in Hindi | HackVerses

What is Recurring Deposit in Hindi – Recurring Deposit Account को RD के नाम से भी जाना जाता है। ये Account उन लोगों के लिए ज्‍यादातर उपयोगी है, जो एक मुश्‍त राशि (Lump Sum Amount) Deposit करने के बजाए, हर महीने छोटी-छोटी राशि Deposit करने के इच्‍छुक होते हैं।

ये उन लोगों के लिए सही है जिन्‍हे हर महीने Regular Interval (नियमित समयांतराल) पर कमाई होती रहती है या Salary मिलती रहती है और वे उस कमाई या Salary का एक हिस्‍सा लम्‍बे समय के लिए बचाते रहना चाहते हैं ताकि उनका कोई ऐसा Specific Goal पूरा हो सके, जिसके लिए उन्‍हे 5 या 10 साल बाद पैसों की जरूरत पड़ेगी। बिना किसी Extra Risk लिए हुए लम्‍बे समय में एक बड़ा Amount Create करने के लिए Recurring Deposit सबसे अच्‍छा तरीका है।

What is Recurring Deposit in Hindi

अक्‍सर लोगों का ये विचार होता है कि यदि पैसे उनके पास पड़े रहे, तो वे किसी न किसी जगह खर्च हो ही जाऐंगे। ऐसे लोगों के लिए भी RD Account, Extra Saving करने का एक बहुत ही बेहतरीन तरीका होता है।

हमारे देश में वैसे भी Saving करना लोगों की आदत का हिस्‍सा नहीं है। ऐसे में यदि आप RD के माध्‍यम से एक निश्चित रकम हर महीने जमा करते हैं, तो 5 – 10 सालों में एक बहुत बड़ा Amount Create हो जाता है और यदि आप RD को Maturity से पहले Withdraw नहीं करते, तो एक तरह से Force Saving हो जाती है, जो कि आपकी ढ़लती उम्र यानी Retirement के समय आपके लिए निश्चित रूप से काफी सहायक होती है।

RD की एक बात बहुत अच्‍छी है कि आप जितनी चाहेंं उतनी अवधि की RD कर सकते हैं अर्थात् जिस अंतराल पर आपके पास पैसा आ रहा है, उस अंतराल पर आप RD कर सकते हैं। लेकिन एक बार आपने RD शुरू कर दी तो फिर पूरे Period के लिए करना जरूरी हो जाता है। इसलिए सबसे बड़ी ध्‍यान रखने वाली बात यही है कि आप जितने समय के लिए RD करा रहे हैं और जिस समयांतराल के लिए RD करा रहे हैं, उस समय आपके पास पैसा आना ही चाहिए। बीच में कहीं Break नहीं लगना चाहिए। हालांकि ऐसा नहीं है कि यदि आप RD की कोई किश्‍त चूक जाऐंगे, तो आपके पैसे डूब जाऐंगे, लेकिन किश्‍त चूकने पर उस पर Penalty लगेगी और आपको मिलने वाला Interest थोड़ा कम हो जाएगा।

RD एक ऐसा तरीका है जिसका प्रयोग करके आप अपने भविष्‍य के किसी बड़े Financial Goal को पूरा करने के लिए छोटी-छोटी बचत कर सकते हैं। उदाहरण के लिए यदि आप Stock Market (शेयर बाजार) में पैसा लगाना चाहता हैंं लेकिन आप इस बात का इंतजार कर रहे हैं कि जब Market कुछ नीचे आएगा, तब आप उसमें Invest (निवेश) करेंगे, तो उस स्थिति में तब तक के लिए अपनी बचत को Saving Bank Account में रखने के बजाए RD में रख लेंं, तो न केवल ज्‍यादा Interest मिलेगा बल्कि RD के माध्‍यम से Force Saving के कारण आपके पास तुलनात्‍मक रूप से एक ज्‍यादा बड़ा Capital बन जाएगा।

इसी तरह से यदि पांच साल बाद आपको अपनाा स्‍वयं का घर बनाने के लिए जमीन खरीदनी है, जिसके लिए आपको लगभग 5 लाख रूपयों की जरूरत होगी। अब यदि आप 5 साल के लिए RD करवाते हैं और हर महीने लगभग 7000 रूपए उस RD Account में जमा करते हैं, जिस पर आपको 7% चक्रवद्धि ब्‍याज मिलता है, तो 5 सालों बाद RD की Maturity पर आपको 5 लाख रूपए से कुछ ज्‍यादा Amount मिल जाएगा। जबकि यदि आप प्रतिमाह अपने Saving Account में 7000 रूपए जमा करते, जिस पर आपको केवल 4% ब्‍याज मिलता, तो 5 साल बाद आपको लगभग 4.65 लाख रूपए ही प्राप्‍त होते।

इसी तरह से आप अपने निकट भविष्‍य में आने वाले बड़े खर्चों जैसे कि बच्‍चों की पढ़ाई, शादी, अपने घर, गाड़ी व Retirement, आदि के लिए Planning कर सकते हैं और जितने समय बाद आपको जितने Amount की जरूरत पड़ने वाली है, उसके अनुसार RD Account में एक निश्चित रकम जमा करना शुरू करें।

हालांकि भारत जैसे देश में ब्‍याज दरे घटती-बढ़ती रहती हैंं, लेकिन यहां कि एक विशेेषता ये है कि यदि आप 10 साल के लिए RD करवाते हैं, और RD करवाते समय आपको मिलने वाला Interest 10% है, तो भले ही 5 साल बाद RD पर मिलने वाला ब्‍याज 0 हो जाए, लेकिन आपको आपकी RD पर अगले 10 सालों तक के लिए 10% की दर से ही ब्‍याज मिलेगा। इ‍सलिए आप जितना जल्‍दी RD के माध्‍यम से Saving करना शुरू करें, आपके लिए उतना ही अधिक फायदेमन्‍द है।

सामान्‍यत: किसी भी Bank में आपको RD Recurring Deposit Account पर आपको Fixed Deposit Account की तुलना में थोड़ा कम Interest मिलता है, लेकिन जब आपको अपने किसी Future Goal को Achieve करने के लिए धीरे-धीरे और थोड़ा-थोड़ा बचत करते हुए Corpus Create करना होता है, तब Recurring Deposit ही सबसे बेहतर विकल्‍प होता है।

सामान्‍यत: लोग किसी Specific Goal को Achieve करने के लिए 12 महीने की अवधि तक एक निश्चित Amount को RD Account में Deposit करते हैं और 12 महीने पूरे होने पर बनने वाले Corpus की FD करवा देते हैं। परिणामस्‍वरूप प्रतिवर्ष लम्‍बी के लिए एक निश्चित रकम की FD करवा कर एक बड़ा Wealth Create हो जाता है जो कि एक आम Middle Class व्‍यक्ति के लिए धीरे-धीरे लेकिन निश्चित रूप से आर्थिक रूप से सक्षम होने का एकमात्र तरीका है।

चूंकि बैंकों द्वारा FD व RD पर दी जाने वाली ब्‍याज दरें CPI (Consumer Price Index) यानी महंगाई दर (Inflation Rate) के आधार पर प्रतिवर्ष बदलती रहती हैं, इसलिए जब आप किसी Bank या Post Office में RD करवाते हैं, तो आप निश्चित रूप से जानना चाहते हैं कि जितनी अवधि के लिए आप RD करवा रहे हैं, Maturity यानी अवधि पूरी होने पर आपको कितना Return प्राप्‍त होगा।

चूंकि बैंक चक्रवृद्धि दर के आधार पर Interest Calculate करता है, इसलिए सरल तरीके से ये जानना काफी मुश्किल होता है कि अन्तिम रूप से आपको कितना Return प्राप्‍त होगा।

What is Recurring Deposit in Hindi

क्या आप बैंक में सविधि जमा खाता यानी फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) अकाउंट खोलने जा रहे हैं? भारतीयों के बीच पॉपुलर इस निवेश विकल्प के बारे में आपको बता दें कि इससे जुड़ कुछ नियम ऐसे भी हैं जो हो सकता है कि आपको न पता हों। ये बहुत महत्वपूर्ण हैं, खास तौर से ऐसी स्थिति में जब आप ब्याज से हुई आय की कर संबंधी योग्यता जानना चाहते हों। आइए जानें :

1- यदि आपकी एफडी पर किसी एक वित्तीय वर्ष में कमाया गया ब्याज 10 हजार रुपए से ज्यादा है तो उस पर 10 फीसदी के हिसाब से टीडीएस कटेगा। उस पर भी यदि आपने पैन (परमानेंट अकाउंट नंबर) प्रोवाइड नहीं किया हुआ है, तो 20 फीसदी की दर से टैक्स काटा जा सकता है।

2-लेकिन, यहां आपको बता दें कि यदि किसी एक बैंक की एक या उससे अधिक शाखाओं में खोले गए रिकरिंग डिपॉजिट (आवर्ती जमा खाता) या एफडी से होने वाली सकल आय किसी एक वित्तीय वर्ष में 10 हजार के पार है तो उस पर टीडीएस कटेगा।

3- यदि बैंक ने टीडीएस काट लिया हो तो भी आपको अपनी इनकम टैक्स रिटर्न फाइलिंग के दौरान इसका जिक्र करना होगा। यदि बैंक ने टीडीएस नहीं काटा है तो भी आईटीआर फाइल करते समय आपको इसे अपनी इनकम में शामिल मानते हुए इसका जिक्र करना होगा। ब्याज से आय (इंट्रेस्ट इनकम) पर टैक्स इस बात से निर्धारित होता है कि आप किस टैक्स स्लैब में आते हैं। वैसे तो बैंक 10 फीसदी की दर से टीडीएस काटते हैं लेकिन यदि आप ऊंचे टैक्स ब्रैकेट में आते हैं तो आपको रिटर्न फाइल करते समय अधिक टैक्स देना होगा।

4- यदि आपकी कर योग्य आय कर छूट के दायरे में आती है यानी सालाना 2.5 लाख रुपए से कम है और आपका वर्ष विशेष के लिए इनकम टैक्स शून्य बनता है तो आप ब्याज से हुई आय पर से टीडीएस बचा सकते हैं। लेकिन इसके लिए समय से फॉर्म 15G या 15H जमा करवाना होगा। मगर अगर आप किसी कारण से ये फॉर्म सब्मिट नहीं करवा पाएंगे तो आपको इस रकम की वापसी के लिए रिफंड भरना होगा।

5- राहत की बात यह है कि बचत खाते (सेविंग अकाउंट) के मामले में हुई इंट्रेस्ट इनकम पर कोई टीडीएस नहीं कटता। हालांकि एक साल में यदि ब्याज से होने वाली कुल आय 10 हजार रुपए से अधिक बन जाती है तो इस पर टैक्स देना होगा।

-Aman Chandigarh

Malik Mehrose
Malik Mehrose is a young entrepreneur, author, blogger, and self-taught developer from Jammu and Kashmir. He is the founder and CEO of SHOPYLL, His startup "SHOPYLL" has emerged a new shine to e-commerce business in Jammu and Kashmir, with a vision to boost the e-commerce ecosystem and to uplift industrialization in Jammu and Kashmir.