ट्रैफिक नियमों से जुड़े अधिकार – Traffic Rules in Hindi

Traffic Rules in Hindi – हमारे शहर में आए दिन पुलिस हर चौराहे पर खड़ी होकर Traffic Rules को तोड़ने वाले लोगों के खिलाफ कार्यवाही करती है और उनसे Traffic Rules तोड़ने के बदले में जुर्माना वसूला जाता है। लेकिन क्या आप इस बात को जानते हैं कि किसी भी ट्रैफिक हवलदार को आपकी गाड़ी से चाबी निकालने का कोई भी अधिकार नहीं होता है। आज हम आपको बताने जा रहे हैं कुछ ऐसे ही ट्रैफिक नियम के बारे में जिनके बारे में आप नहीं जानते हैं।

Traffic Rules in Hindi

#1.अगर सड़क पर चलते समय कोई ट्रैफिक हवलदार आपकी गाड़ी को रोककर आपसे पेपर्स दिखाने की मांग करता है तो आप उसे साफ-साफ मना कर सकते हैं। इतना ही नहीं, आप उसके सीनियर अथॉरिटी से उसकी कम्प्लेंट भी कर सकते हैं। ट्रैफिक लॉ के अनुसार, एएसआई रैंक या उससे बड़े पद का कोई अधिकारी ही आपसे आपकी गाड़ी के कागज मांगने का अधिकार रखता है।

#2.किसी भी ट्रैफिक हवलदार को आपको अरेस्ट करने या आपका वाहन जब्त करने का अधिकार भी नहीं होता है। बल्कि वह आपसे पॉल्यूशन अंडर-कंट्रोल पेपर्स (पीयूसी) भी नहीं मांग सकता है क्योंकि यह अधिकार सिर्फ आरटीओ ऑफिशियल्स का होता है। अगर आप किसी तरह का यातायात नियम तोड़ते हैं तब भी उस हवलदार को आपकी गाड़ी से चाबी निकालने का कोई अधिकार नहीं होता है।

#3.यातायात नियम तोड़ने पर आपसे पेनल्टी भी सिर्फ असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर(वन स्टार), सब-इंस्पेक्टर(टू-स्टार) और पुलिस इंस्पेक्टर(थ्री स्टार) ही वसूल सकते हैं। ट्रैफिक हवलदार सिर्फ उनकी मदद कर सकता है लेकिन आपसे पेनल्टी नहीं वसूल सकता। ( द इंडियन मोटर व्हीकल एक्ट, सेक्शन 132)

#4.अगर पुलिस आपको सिग्नल तोड़ने के दौरान, आपकी गाड़ी पर दो से अधिक लोगों के बैठे होने के दौरान, भार वाहक (Load carrier) वाहनों में सवारी बिठाने के दौरान, शराब या किसी और प्रकार का नशा करके गाड़ी चलाने के दौरान, मोबाइल पर बात करने के दौरान और तेज बाइक चलाने के दौरान आपको पकड़ती है तो ऐसे मामलों में ट्रैफिक पुलिस को आपका लाइसेंस जब्त करने का अधिकार दिया गया है।

#5.अगर आप यातायात नियम तोड़ते हुए पकड़े जाते हैं तो आप पर फाइन लगाया जाता है। लेकिन आप पर 100 रुपये से ज्यादा का फाइन लगाने का अधिकार सिर्फ एएसआई या एसआई का ही होता है। हेड कॉन्स्टेबल आप पर 100 रुपये से ज्यादा का फाइन नहीं लगा सकता है और कॉन्स्टेबल को आप पर किसी भी तरह का फाइन लगाने का कोई अधिकार नहीं होता है।

#6.अगर कोई ट्रैफिक पुलिस वाला बिना वर्दी पहने आपका चालान काटता है तो उसे ऐसा करने का कोई अधिकार नहीं होता है। आपको बता दें कि ट्रैफिक पुलिस में कॉन्स्टेबल से लेकर एसआई तक सभी सफेद रंग की वर्दी पहनते हैं, और ट्रैफिक इंस्पेक्टर और उससे बड़े पद का अधिकारी खाकी वर्दी पहनता है।

#7.आपको अपने घर से निकलते समय अपनी गाड़ी का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट(आरसी), गाड़ी का इन्श्योरेंस सर्टिफिकेट और पॉल्यूशन अंडर-कंट्रोल सर्टिफिकेट(पीयूसी) और अपना ड्राइविंग लाइसेंस हमेशा अपने साथ रखना चाहिए। आपको बता दें कि चैकिंग के दौरान ड्राइविंग लाइसेंस और पीयूसी ऑरिजनल होने चाहिए या डिजिटल लाकर में होने चाहिए, जबकि रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट और इन्श्योरेंस सर्टिफिकेट की फोटो कॉपी भी चलेगी।

#8.अगर आपने अपनी गर्दन के ऊपरी हिस्से मतलब कान या किसी अन्य जगह की सर्जरी करवा रखी है या आप पगड़ी पहनने वाले सिख समुदाय से है तो आपके लिए हेलमेट पहनना अनिवार्य नहीं है

#ट्रैफिक पुलिस कैसे कितनी तरह के चालान वसूलती है? : ट्रैफिक पुलिस आपसे तीन तरह से चालान वसूल सकती है –

  1. ऑन द स्पॉट चालान : अगर आप नियम तोड़ते हुए रंगे हाथों पकड़े जाते हैं तो आपसे तुरंत चालान काटकर पेनल्टी वसूली जाती है। अगर आप किसी कारणवश तुरंत पेनल्टी नहीं भर सकते हैं तो पुलिस आपका ड्राइविंग लाइसेंस अपने पास रखकर आपको चालान दे देती है जिसे भरने के बाद आपको आपका ड्राइविंग लाइसेंस दौबारा दे दिया जाता है।
  2. नोटिस चालान : अगर आप किसी ट्रैफिक के नियम को तोड़कर भाग जाते हैं तो ऐसी स्थिति में आपकी गाड़ी का नम्बर नोट करके चालान गाड़ी मालिक के घर पर पहुंचा दिया जाता है। जिसे भरने के लिए एक महीने का समय दिया जाता है अगर आप इस एक महीने में इस चालान को नहीं भरते हैं तो इसे कोर्ट भेज दिया जाता है।
  3. कोर्ट का चालान : इस चालान को ज्यादातर किसी यातायात के नियम को तोड़ने पर ही बनाया जाता है। इस चालान में पेनल्टी के साथ-साथ सजा का भी प्रावधान है। उदाहरण के लिए अगर आप किसी प्रकार का नशा करने के बाद गाड़ी चलाते हुए पकड़े गए तो ऐसी स्थिति में चालान तो ऑन द स्पॉट ही बनेगा लेकिन उसकी पेनल्टी को भरने के लिए आपको कोर्ट जाना पड़ेगा।

कुछ सवाल-जवाब – Question & Answer related to Traffic Rules in Hindi

#1.नशे में गाड़ी चलाने पर क्या सजा है? – अगर कोई ड्राइवर शराब पीकर गाड़ी चला रहा है और उसके खून में ऐल्कॉहॉल की मात्रा 30 एमजी प्रति 100 एमएल से ज्यादा है या उसने इतनी मात्रा में ड्रग्स लिया हुआ है कि उसका व्हीकल पर नियंत्रण नहीं रह सकता, तो उसे नशे की हालत में गाड़ी चलाने का आरोपी माना जाता है। पहली बार यह जुर्म करने पर आरोपी को छह महीने तक की जेल या दो हजार रुपये तक का जुर्माना या दोनों हो सकता है। अगर पहले जुर्म के तीन साल के अंदर कोई दोबारा ऐसा करता है तो उसे दो साल तक की जेल या तीन हजार रुपये तक का फाइन या दोनों हो सकते हैं। अब पुलिस ऐसे शख्स का लाइसेंस भी तीन महीने के लिए जब्त कर सकती है। ऐसे मामलों में पुलिस ऑन द स्पॉट फाइन नहीं करती। सभी चालान कोर्ट भेजे जाते हैं और कोर्ट ही फाइन लगाती है। अगर आप दी गई तारीख को कोर्ट में पेश नहीं होते हैं तो आपको समन और वॉरंट जारी हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में गिरफ्तारी भी हो सकती है।

#2.मान लें, मुझे शराब पीकर गाड़ी चलाने के आरोप में पकड़ लिया गया। चालान कटवाने के बाद क्या मैं खुद ड्राइव करके जा सकता हूं? – नहीं। आपको किसी दूसरे ड्राइवर की मदद लेनी होगी, जो नशे में न हों या फिर अपनी कार को पुलिस के पास छोड़कर कैब लेकर जाना होगा। कोर्ट कार्यवाही पूरी होने पर आपकी कार वापस मिलेगी।

#3.मैं चाहता हूं कि शराब इतनी ही लूं कि गाड़ी ड्राइव करके जा सकूं। इस लिमिट का अंदाजा कैसे लगाया जा सकता है? – ऐसा कोई पक्का नियम तो नहीं है, लेकिन मोटे तौर पर माना जाता है कि बियर की एक बोतल/30 एमएल विस्की या रम आपको मान्य लिमिट यानी 30 यूनिट के नीचे रखती है। इससे ज्यादा लेने पर आप लिमिट पार कर जाते हैं। वैसे, हमारा शरीर भी एक घंटे में 10 यूनिट बर्न कर देता है। कुल मिलाकर यह सब इस पर भी निर्भर करेगा कि आपने पीने के कितनी देर बाद गाड़ी चलाना शुरू किया है। अगर ज्यादा पी रहे हैं तो ज्यादा देर से ड्राइविंग शुरू करें।

#4. पुलिसवाले वीइकल को जब्त कर सकते हैं? अगर हां, तो किन स्थितियों में?  ट्रैफिक पुलिसवाले नीचे दी गई स्थितियों में गाड़ी को जब्त कर सकते हैं: अगर कोई बिना वैलिड लाइसेंस के गाड़ी चला रहा है। अगर कोई नाबालिग गाड़ी चला रहा है। अगर वीइकल को बिना रजिस्ट्रेशन के चलाया जा रहा है। ट्रांसपोर्ट वीइकल को बिना वैलिड परमिट के चलाया जा रहा है।

#5.ट्रैफिक सिग्नल यलो था और उसी वक्त मैंने स्टॉप लाइन क्रॉस कर दी, लेकिन आगे ट्रैफिक होने के कारण जंक्शन क्रॉस नहीं कर पाया। इसी बीच लाइट रेड हो गई। मेरे ऊपर सिग्नल जंप करने का फाइन लग गया। क्यों?  यलो सिग्नल सिर्फ उन लोगों के लिए है, जो पहले ही स्टॉप लाइन क्रॉस कर चुके हैं और जंक्शन क्रॉस करने वाले हैं। अगर ग्रीन लाइट यलो में बदल गई है तो आपको स्टॉप लाइन क्रॉस करने का हक नहीं है। यलो लाइन है तो फौरन रुकें, क्रॉस करने की कोशिश करेंगे तो नियम का उल्लंघन होगा।

#6.मेरी मौजूदगी में किसी गाड़ी वाले ने किसी को टक्कर मार दी। मैं क्या करूं?  आप इस घटना के Eye Witness हो गए। आपको शिकार हुए शख्स की मदद करनी चाहिए और ऐक्सिडेंट करने वाले की गाड़ी का नंबर नोट कर पुलिस को सूचना देनी चाहिए। आपकी ही तरह के दूसरे लोग भी वहां होंगे, उन्हें ऐक्सिडेंट करने वाले के साथ मारपीट करने या उसके वाहन को नुकसान पहुंचाने का हक नहीं है। उन्हें पुलिस को ही सूचना देनी चाहिए। आपको प्रो-ऐक्टिव होना चाहिए, डिस्ट्रक्टिव नहीं।

#7.अगर हमारी गाड़ी से किसी का ऐक्सिडेंट हो जाए तो हमें क्या करना चाहिए?  पुलिस को सूचित करें और फौरन उस शख्स को मेडिकल हेल्प मुहैया कराएं। अगर आपकी गाड़ी में कोई खतरनाक (पेट्रोल या ऐसा ही कुछ जल्दी आग पकड़ने वाला) सामान ढोया जा रहा है तो आसपास के लोगों को वीइकल से दूर कर दें और स्मोकिंग न करें।

#8.ट्रैफिक नियम तोड़ने के आरोप में जब पुलिसवाले किसी को रोकते हैं तो उसकी गाड़ी की चाबियां निकाल लेते हैं। क्या यह सही है? – ऐसा वे इसलिए करते हैं, क्योंकि लोग भागने की कोशिश करते हैं और अपनी और दूसरों की जिंदगी खतरे में डालते हैं। वैसे, चाबी निकालने का हक ट्रैफिक पुलिस वालों को नहीं है। ऐसा करना सही प्रैक्टिस नहीं माना जाता

#9.किस गुनाह के लिए कितना जुर्माना? : डिफेक्टिव नंबर प्लेट 100 रुपये, बिना सीट बेल्ट के ड्राइविंग 100 रुपये, गलत जगह पार्क करना 100 रुपये, रेड लाइट जंप करना 100 रुपये, इंडिकेटर दिए बगैर मुड़ना 100 रुपये, पीयूसी के बिना गाड़ी चलाना 100 रुपये, प्रेशर हॉर्न का प्रयोग 100 रुपये, बिना हेलमेट टूवीलर चलाना या पीछे बैठना 100 रुपये, गाड़ी पर अवैध तरीके से लाल बत्ती लगाना 100 रुपये, टू वीलर पर तीन सवारी 100 रुपये।

इनमें होता है 100 रुपये से ज्यादा का जुर्माना:- ओवरस्पीडिंग 400 रुपये, बिना लाइसेंस के ड्राइविंग 500 रुपये, नाबालिग का ड्राइविंग करना 500 रुपये, ड्राइविंग के दौरान मोबाइल पर बात 1000 रुपये, ट्रैफिक इंस्पेक्टर से दुर्व्यवहार 1000 रुपये, बिना इंश्योरेंस के ड्राइविंग 1000 रुपये, बिना रजिस्ट्रेशन गाड़ी चलाना 2000 रुपये, ऑड-ईवन का नियम तोड़ने पर 2000 रुपये।

Malik Mehrose
Malik Mehrose is a young entrepreneur, author, blogger, and self-taught developer from Jammu and Kashmir. He is the founder and CEO of SHOPYLL, His startup "SHOPYLL" has emerged a new shine to e-commerce business in Jammu and Kashmir, with a vision to boost the e-commerce ecosystem and to uplift industrialization in Jammu and Kashmir.