विवाह से जुड़े कानून और अपराध – Marriage Laws And Crime Hindi – HackVerses

Marriage Laws And Crime Hindi – आए दिन विवाह टूटने की ऐसी कई वजहें पढऩे को मिलती है. अदालतें ऐसे मुकदमों से भरी पड़ी हैं. कहीं वर पक्ष तो कहीं वधु पक्ष शोषण झूठा मुकदमा दर्ज करा रहा है.

Marriage Laws And Crime Hindi
Marriage Laws And Crime Hindi – हिंदू विवाह (Marriage) एक संस्कार है- हिंदूओं में विवाह को संस्कार माना गया है, जिसमें विवाह को जन्म-जन्म का रिश्ता कहा गया है. लेकिन लगता है यह सब अतीत की बातें हैं, क्योंकि अब विवाह में शोषण भी दिखता है, हत्याएं भी होती है और एक-दूसरे को नीचा दिखाने का खेल भी चलता है. यहां हम विवाह के संबंध में विधि द्वारा स्थापित कानून की जानकारी दे रहे हैं ताकि वैवाहिक शोषण से निपटने में इसकी जानकारी लोगों के काम आ सके।

विवाह संबंधी अपराध की धारा 493 से 498 तक – Crime Related to Marriage

  • धारा-493: स्त्री को इस विश्वास में रखकर सहवास कि वह पुरुष उससे विधिपूर्वक विवाहित है.
  • धारा-494: पति-पत्नी में से किसी एक के द्वारा दूसरे के जीवित रहने के बावजूद दूसरा विवाह करना.
  • धारा-495: एक पक्ष द्वारा अपने पूर्ववर्ती विवाह को छुपाकर दोबारा से विवाह करना.
  • धारा- 496: लड़का या लड़की द्वारा छलपूर्ण आशय से विपरीत पक्ष को यह विश्वास दिलाना कि उनका विवाह विधिपूर्वक मान्य नहीं है।
  • धारा-497: जारकर्म.
  • धारा- 498: आपराधिक आशस से किसी पुरुष द्वारा विवाहित स्त्री को फुसलाना .
  • धारा-498 क: किसी विवाहित स्त्री पर पति या पति के नातेदार द्वारा क्रूरतापूर्ण व्यवहार.

वैवाहिक मुकदमों की प्रकृति – Nature of Marriage Case

Marriage Laws And Crime Hindi – कानूनन वैवाहित स्थिति में स्त्री की सुरक्षा का विशेष ख्याल रखा गया है. वैवाहिक मुकदमों की प्रकृति देखें तो अक्सर वधु पक्ष द्वारा वर पक्ष पर दहेज प्रताडऩा, शारीरिक शोषण और पुरुष के पर स्त्री से संबंध जैसे मामले दर्ज कराए जाते हैं, वहीं वर पक्ष द्वारा स्त्री का किसी गैर मर्द से अवैध संबंध, मानसिक प्रताडऩा जैसे मामला दर्ज कराने के मामले देखे गए हैं.वैसे कई बार अदालत में यह भी साबित हुआ है कि वधु पक्ष द्वारा वर पक्ष को तंग करने के लिए अक्सर दहेज के मामले दर्ज कराए जाते हैं। तिहाड़ के महिला जेल में छोटे-से बच्चे से लेकर 90 वर्ष की वृद्धा तक दहेज प्रताडऩा के आरोप में बंद हैं.

दहेज है स्त्री धन – Dowry is StriDhan

Marriage Laws And Crime Hindi – दहेज का अभिप्राय विवाह के समय वधु पक्ष द्वारा वर पक्ष को दी गई चल-अचल संपत्ति से है। दहेज को स्त्री धन कहा गया है। विवाह के समय सगे-संबंधियों, नातेदारों आदि द्वारा दिया जाने वाला धन, संपत्ति व उपहार भी दहेज के अंतर्गत आता है. यदि विवाह के बाद पति या पति के परिवार वालों द्वारा दहेज की मांग को लेकर दूसरे पक्ष को किसी किस्म का कष्ट, संताप या प्रताडऩा दे तो स्त्री को यह अधिकार है कि वह उक्त सारी संपत्ति को पति पक्ष से वापस ले ले.

हिंदू विवाह अधिनियम की धारा-27 स्त्री को इस प्रकार की सुरक्षा प्रदान करती है। वर्ष 1985 में सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश फाजिल अली ने अपने एक फैसले में निर्णय दिया था कि स्त्री धन एक स्त्री की अनन्य संपत्ति है. यह संपत्ति पति पक्ष पर पत्नी की धरोहर है और उस पर उसका पूरा अधिकार है। इसका उगंघन दफा-406 के तहत अमानत में ख्यानत का अपराध है, जिसके लिए जुर्माना और सजा दोनों का प्रावधान है। इस निर्णय की वजह से धारा-27 की समुचित व्याख्या हो गई है.

कानूनन स्त्री की सुरक्षा – Women Protection Law

Marriage Laws And Crime Hindi – क्रिमिनल अमेंडमेंट एक्ट की धारा 498 क के अनुसार, एक विवाहित स्त्री पर उसके पति या उसके रिश्तेदार द्वारा किया गया अत्याचार या क्रूरता का व्यवहार एक दंडनीय अपराध है। विधि में यह प्रावधान भी है कि विवाह के सात वर्ष के भीतर यदि पत्नी आत्महत्या कर लेती है या उसकी मौत किसी संदिग्ध परिस्थिति में हो जाती है तो काननू के दृष्टिकोण से यह धारणा बलवती होती है कि उसने यह कदम किसी किस्म की क्रूरता के वशीभूत होकर उठाया है.

पत्नी द्वारा किया जाने वाला अत्याचार – Wife Oppression

Marriage Laws And Crime Hindi – अदालत में स्त्री को मिली कानूनी सुरक्षा का माखौल उड़ते भी देखा गया है. अपने पूर्व के प्रेम संबंध, जबरदस्ती विवाह, आपस में सामांजस्य नहीं बैठने या किसी अन्य कारणों से स्त्री इन सात वर्षों में आत्महत्या की धमकी देते हुए पति का मानसिक शोषण करने की दोषी भी पाई गई हैं. जबरदस्ती दहेज प्रताडऩा में पूरे परिवार को फंसाने का मामला आए दिन सामने आता रहता है.

निष्कर्ष – Conclusion

Marriage Laws And Crime Hindi – विवाह वास्तव में एक जुआ की तरह है, यदि दांव सही पड़ गया तो जीवन स्वर्ग, अन्यथा नरक के सभी रास्ते यहीं खुल जाते हैं. अच्छा यह हो कि विवाह के लिए जीवनसाथी का चुनाव लड़का-लड़की खुद करे यानी प्रेम विवाह करे और विवाह होते ही कम से कम सात साल तक दोनो अपने-अपने परिवार से अलग आशियाना बसाए. देखा गया है कि पारिवारिक हस्तक्षेप के कारण ही एक लड़का-लड़की का जीवन नरक बन जाता है पारंपरिक अरेंज मैरिज में भी मां-बाप बच्चों की शादी कर देने के बाद उन्हें स्वतंत्र रूप से जिंदगी जीने दें तो दोनों का जीवन सामांजस्य की पटरी पर आसानी से दौड़ पाएगा.

Malik Mehrose
Malik Mehrose is a young entrepreneur, author, blogger, and self-taught developer from Jammu and Kashmir. He is the founder and CEO of SHOPYLL, His startup "SHOPYLL" has emerged a new shine to e-commerce business in Jammu and Kashmir, with a vision to boost the e-commerce ecosystem and to uplift industrialization in Jammu and Kashmir.