अल्पसंख्यकों के कानूनी अधिकार – Legal Rights of Minorities Hindi – HackVerses

Legal Rights of Minorities Hindi – अल्पसंख्यकों के कानूनी अधिकार –  भारतीय संविधान में धार्मिक और भाषायी अस्पसंख्यकों को अनुच्छेद 29 और 30 में विशेष अधिकार दिए हैं ।

  • 1- अनुच्छेद 29(1) के अनुसार किसी भी समुदाय के लोग जो भारत के किसी राज्य मे रहते हैं या कोई क्षेत्र जिसकी अपनी आंचलकि भाषा, लिपि या संस्कृति हो , उस क्षेत्र को संरक्षित करने का उन्हें पूरा अधिकार होगा। ये प्रावधान जनप्रतिनिधित्व कानून 1951 के तहत है ।
  • 2-अनुच्छेद 30(1) के तहत सभी अल्पसंख्यकों को धर्म या भाषा के आधार पर अपनी पसंद के आधार पर अपनी शैक्षिक संस्था को स्थापित करने का अधिकार है  ।
  • 3-संविधान में अल्पसंख्यक शब्द को परिभाषित  नहीं किया गया है

Legal Rights of Minorities Hindi

अल्पसंख्यकों को शिक्षा – Education Rights of Minorities

Legal Rights of Minorities Hindi – इसमें समानता औऱ सामाजिक न्याय के हित में शैक्षणिक रुप से पिछड़े अल्पसंख्यकों की शिक्षा पर विशेष बात कही गयी है । 1992 में इसमें दो नई योजनाएं जोड़ दी गयी ।

1-शैक्षिक रुप से पिछड़े अल्पसंख्यकों के लिए गहन क्षेत्रीय कार्यक्रम
2-मदरसा शिक्षा आधुनिकीकरण वित्तीय सहायता योजना 1993-94 के दौरान शुरु की गयी ।

राष्ट्रीय अल्पसंख्यक शैक्षिक संस्था आयोग – The National Commission for Minority Educational Institutions

Legal Rights of Minorities Hindi – इसका गठन 2004 में किया गया । जिसके तहत अस्पसंख्यक संस्थाएं अनुसूचित विद्यालय से स्वयं को संबद्ध कर सकती हैं। वर्तमान में दिल्ली विश्वविद्यालय , पूर्वोत्तर पर्वतीय विश्वविद्यालय , असम विश्वविद्यालय, नागालैंड विश्वविद्यालय और मिजोरम विश्विविद्यालय इस सूची में आते हैं ।

अल्पसंख्यकों की शिक्षा संबंधी योजनाएं – Minority Education Schemes

मानव संसाधन विकास केंद्र की शैक्षिक योजनाएँ

1-शैक्षिक रुप से पिछड़े अल्पसंख्यकों के लिए एरिया इंटेनसिव प्रोग्राम। इस प्रोग्राम का मुख्य उद्देश्य उन भागों में जहां शिक्षा में पिछड़े हुए अल्पसंख्यक भारी संख्या में रहते हैं, वहां शिक्षा के लिए सुविधा मुहैया कराना।
2-मदरसा शिक्षा को माडर्न बनाने के लिए वित्तीय सहायता
3-फारसी और अरबी भाषा के क्षेत्र में काम करने वाली संस्थाओं को वित्तीय सहायता।
4-अल्पसंख्यकों को प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करने के लिए कोचिंग क्लासों के लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की वित्तीय सहायता
3-केंद्रीय वक्फ परिषद तकनीकि संस्थानों तथा वोकेशनल कोर्स करने वालों को वजीफा तथा वित्तीय सहायता देती है ।
4-मौलाना आजाद शिक्षा फाउंडेशन आवासीय स्कूलों, तकनीकि/प्रोफेशनल संस्थानों, हास्पिटल, पिछड़े अस्पसंख्यकों को कोचिंग देने के लिए वित्तीय सहातयता प्रदान करता है ।

मदरसा शिक्षा के आधुनिकीकरण के लिए वित्तीय सहायता योजना – Financial Assistance Scheme

1-यह योजना पूरी तरह स्वैच्छिक है। इसको वित्तीय सहायता केंद्र सरकार द्वारा प्राप्त है ।
2-इसमें शिक्षा विभाग द्वारा प्राचीन संस्थानों में गणित , अंग्रेजी , हिंदी आदि जैसे विषय लागू हैं।
3-इस योजना को ग्रहण करना मदरसों की इच्छा पर निर्भर करता है ।
4-इसका उद्देश्य प्राचीन संस्थानों जैसे मकतबा, मदरसों में आधुनिक शिक्षा को बढावा देने के लिए वित्तीय सहायता देना है।
5-इस योजना  से संबंधित जानकारी के लिए – मानव संसाधन एवं विकास मंत्रालय (शिक्षा विभाग), नई दिल्ली से संपर्क करें।

राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग अधिनियम, 1992 – National Commission for Minorities Act, 1992

राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के कार्य:-

1-अल्पसंख्यकों के हितों की रक्षा के लिए केंद्र तथा राज्य सरकारों द्वारा बनाए गए रक्षा उपायों को लागू करने की वकालत करना ।
2-अल्पसंख्यकों को रक्षा के उपायों तथा अधिकारों से वंचित किए जाने की सुनिश्चित शिकायतों को देखना तथा उन्हें उपयुक्त प्राधिकारी के पास ले जाना
3-अल्पसंख्यकों के विरुद्ध भेदभाव की समस्या का अध्ययन करना तथा उसको दूर करने के लिए सुझाव देना ।
4-अल्पसंख्यकों के सामाजिक-आर्थिक तथा शैक्षिक विकास के मुद्दे का अध्ययन करना तथा विश्लेषण करना ।
5-केंद्र सरकार या राज्य सरकार द्वारा चुनी गई किसी भी अल्पसंख्यक समुदाय के संबंध में उपयुक्त मापदण्ड सुझाना।
6-केंद्र सरकार को अल्पसंख्यक के सामने आयी मुश्किलों से संबंधित समय-समय पर या विशेष रिपोर्ट देना ।
7-तथा कोई भी अन्य मुद्दा जिसे केंद्र सरकार आयोग को सोंपे।

राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग की शक्तियां – Powers of National Commission for Minorities

आयोग के पास उपरोक्त कार्यों को करने के लिए दीवानी अदालत की शक्तियां हैं ।

1-भारत के किसी भी भाग से किसी भी व्यक्ति को समन भेज कर उसकी हाजिरी लगाना तथा उसे शपथ दिलाकर परखना ।
2-किसी भी दस्तावेज को खोजना तथा प्रस्तुत करने के लिए कहना।
3-हलफनामों पर गवाही लेना।
4-किसी भी न्यायालय या सरकारी दफ्तर से पब्लिक रिकार्ड की मांग करना ।
5-गवाहों तथा दस्तावेजों की जांच के लिए आदेश जारी करना ।
6-कोई भी अन्य निर्धारित मुद्दा ।

राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग, 1997 – NCM (National Commission of Minorities) 1997

 राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के कार्य

1-अल्पसंख्यकों के सुरक्षा उपायों का मूल्यांकन तथा अनुश्रवण करना ।
2-सरकार के अन्य महकमों को सुझाव देना।
3-अल्पसंख्यकों को अधिकारों या सुरक्षा उपायों से वंचित करने की शिकायतों पर गौर करना।
4-आयोग को दिए गये मुद्दो पर विचार करना ।

विशिष्ट शिकायतों का निपटारा – Specific settle complaints

1-अल्पसंख्यकों को उनके अधिकारों या सुरक्षा उपायों से वंचित कनरे की शिकायतों को कोई भी व्यक्ति या संस्था आयोग तक पहुंचा सकती है ।
2-शिकायत चेयरमैन या सचिव को संबोधित की जा सकती है ।
3-किसी भी शिकायत को सुलझाने के लिए कोई फीस नहीं ली जाती है , जब तक कि इससे संबंधित कोई निर्देश ना मौजूद हों।

निम्नलिखित शिकायतों को आयोग नहीं स्वीकार करेगा – Following complaints, the Commission would not approve

1-ऐसी शिकायतें जो अल्पसंख्यक अधिकार, स्थिति एवं सुरक्षा उपायों से संबंध नहीं रखती हो।
2-उन मुद्दों को जो न्यायालय के समक्ष मौजूद हों।
3-उन मुद्दों पर जिनके लिए उचित प्रशासनिक एवं न्यायिक समाधान मौजूद हों, लेकिन उन्हें इस्तेमाल नहीं किया गया हो।
4-वह घटनाएं जो एक वर्ष या उससे अधिक पुरानी हों।5-वह शिकायतें जो अस्पष्ट, अज्ञात, कृत्रिम नाम या छिछोरा हों।
6-वह शिकायतें जो आयोग को सीधी ना भेजी गयी हों , लेकिन किसी और को भेजी गई शिकायत की प्रतिलिपि के लिए हो।

आयोग की शिकायतों के प्रकार – Commission follows complaints

1-वह शिकायतें जो नियमित याचिका के रुप में आयोग के हस्तक्षेप के लिए हों।
2-वह शिकायतें जो विशिष्ट शिकायतों को सुधारने के लिए आयोग के हस्तक्षेप के लिए हों।
3-वह जो किसी सुविधा , राहत या सुधार के लिए आयोग की मदद के हस्तक्षेप के लिए हो।
4-1 औऱ 2 में रखी गयी शिकायत को किसी भी समय क में हस्तांतरित किया जा सकता है ।
5-1,2,3 वर्ग की शिकायतों के लिए आयोग विशेष रजिस्टर रखेगा। हर शिकायत को विशिष्ट नंबर के साथ वर्ग भी दिया जायेगा।
6-हर शिकायतकर्ता को फार्म बी दिया जायेगा , जिसे उसे निर्धारित सीमा में भरना होगा।
7-निर्देश के अतिरिक्त शिकायत तभी दर्ज की जायेगी, जब शिकायतकर्ता इस फॉर्म को भरकर जमा कराएगा।
8-यदि शिकायत को किसी भी उल्लेखित कारण से स्वीकार नहीं किया जायेगा तो वह सुस्पष्ट कर दिया जायेगा।
9-1 वर्ग की शिकायतों का निर्णय या तो पूरा कमीशन करेगा या (निर्देश मिलने पर) कमीशन की बेंच करेगी।
10-कमीशन या बेंच इन मामलों का निपटारा करते समय जहां तक संभव हो सकेंगा अधिनियम की धारा 9(4) , दीवानी प्रक्रिया संहिता , 1908 के प्रावधानों तथा सूची में दिए गए उपयुक्त फॉर्म का प्रयोग करके निर्णय लेगा ।
11-बेंच के द्वारा लिए गये निर्णय की रिपोर्ट पूरे आयोग को दी जायेगी ,यदि आयोग उसमें कोई फेरबदल नहीं करता है तो उसे आयोग की रिपोर्ट मानी जायेगी ।
12-2 औऱ 3 वर्ग की शिकायतों को चेयरमैन किसी भी सदस्य या अफसर को देकर उसे उपयुक्त अधिकारी से संपर्क करने के निर्देश दे सकता है ।
13-इस तरह की शिकायतों को जब सदस्य/अफसर सीधे लेगा और अधिकारी से संपर्क करेगा तो उसे इसकी सूचना आयोग के चेयरमैन को देनी होगी ।
14-इन सभी केसों में सदस्य/अफसर या तो चेयरमैन की बताई हुई प्रणाली को अपनाएंगे या सूची में दिए गये फॉर्म को इस्तेमाल करेंगे।
15-आयोग स्वयं से /अल्पसंख्यक व्यक्ति/समूह/संस्था की कोई आम या विशेष तकलीफ पर जो मीडिया में आई हो, उस पर भी कार्यवाही कर सकता है , जरुरी नहीं कि उसे कोई विशिष्ट शिकायत प्राप्त हो ।

आयोग का सूचना पत्र – Commission Notice Letter

1-आयोग का सूचना पत्र ‘भारत के अल्पसंख्यक’ नाम से साल में तीन बार प्रकाशित किया जाता है ।
2-यह सूचना पत्र चेयरमैन के दफ्तर में तैयार और संपादित किया जाता है ।
3-सूचना पत्र अल्पसंख्यकों के अधिकारों, सुरक्षा उपायों, सुविधाओं, योजनाओं, राज्य सरकार तथा केंद्र सरकारों और अन्य संस्थाओं, संगठनों , एजेंसी की योजनाओं से संबंधित खबरें, सूचना , दृष्टिकोंण को प्रकाशित करता है ।
4- सूचना  पत्र आयोग के क्रिया कलापों तथा उसके सुझाव, निर्णय, रिपोर्ट औऱ अध्ययन आदि को भी प्रकाशित करता है ।

जैन धर्म को अल्पसंख्यक का दर्जा – Jains minority status

  • अनुच्छेद 25 से 30 के अनुसार जैन समुदाय धर्म, भाषा, संस्कृति की रक्षा संविधान में उपबंधों के अन्तर्गत हो सकेगी।
  • जैन धर्मावलंबियों के धार्मिक स्थल, संस्थाओं, मंदिरों, तीर्थक्षेत्रों एवं ट्रस्टों का सरकारीकरण या अधिग्रहण आदि नहीं किया जा सकेगा अपितु धार्मिक स्थलों का समुचित विकास एवं सुरक्षा के व्यापक प्रबंध शासन द्वारा भी किए जायेंगे।
  • जैन धर्मावलंबी अपनी प्राचीन संस्कृति, पुरातत्व एवं धर्मायतनों का संरक्षण कर सकेंगे।
  • उपासना स्थल (विशेष उपबंध) अधिनियम 1919 (42ऑफ-18.09.1991) के तहत किसी धार्मिक उपासना स्थल के स्वरूप को बनाए रखने हेतु स्पष्ट निर्देश जिसका उल्लंघन धारा 6(3) के आधीन दंण्डनीय अपराध है।
  • पुरातनस्थलों एवं पुरातन धरोहरों को सुरक्षित रखना सन् 1958 के अधिनियम की धारा 19 एवं 20 के तहत संविधान द्वारा सुरक्षित है। इसका भी उल्लंघन दण्डनीय अपराध है।
  • समुदाय द्वारा संचालित ट्रस्टों की सम्पत्ति को किराया नियंत्रण अधिनियम से भी मुक्त रखा जायेगा, जिससे मंदिर के मकान आदि को आसानी से खाली करवाया जा सकता है।
  • जैन मंदिरों, तीर्थ स्थलों, शैक्षणिक संस्थाओं इत्यादि के प्रबंध की जिम्मेदारी समुदाय के हाथ में होगी।
  • शैक्षणिक एवं अन्य संस्थाओं को स्थापित करने और उनके संचालन में सरकारी हस्तक्षेप कम हो जायेगा।
  • जैन धर्म की नैतिक शिक्षा पढ़ाई कराने का जैन स्कूलों को अधिकार मिल गया।
  • जैन कॉलेजों में जैन बच्चों के लिए 50प्रतिशत आरक्षित सीटें होंगी।
  • प्रतिभावान अल्पसंख्यक विद्यार्थी जिले के उत्कृष्ट विद्यालयों में प्रवेश पाते हैं तो उनमें गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले विद्यार्थियों को 9वीं, 10वीं,12वीं का शिक्षण शुल्क एवं अन्य लिया जाने वाला शुल्क पूर्णतः माफ कर दिया जायेगा।
  • विश्वविद्यालयों द्वारा संचालित कोचिगं कॉलेजों में समुदाय के विद्यार्थियों की फीस कम या माफ होने की पात्रता होगी।
  • सरकार द्वारा जैन समुदाय को स्कूल, कॉलेज, छात्रावास, शोध या प्रशिक्षण संस्थान खोलने हेतु सभी सुविधाएं एवं रियायती दर पर जमीन उपलब्ध करवायी जायेगी।
  • जैन समुदाय के विद्यार्थियों को प्रशासनिक सेवाओं और व्यवसायिक पाठ्यक्रम के प्रशिक्षण हेतु अनुदान मिल सकेगा।
  • व्यवसाय व तकनीकी शिक्षा आदि हेतु कम ब्याज दर पर लोन उपलब्ध होगा।
  •  जैन धर्मावलम्बी द्वारा पुण्यार्थ, प्राणी, सेवार्थ, शिक्षा इत्यादि हेतु दान धन कर से मुक्त होगा।
  • अल्पसंख्यक समुदाय के धार्मिक स्थलों के समुचित विकास एवं सुरक्षा के व्यापक प्रबधं शासन द्वारा किए जायेंगे।
  • अल्पसंख्यक वर्ग युवाओं में खेलकूद व अन्य सांस्कृतिक गतिविधियों के प्रोत्साहन हेतु अनुदान एवं छात्रवृत्तियों के विशेष प्रावधानों का लाभ मिल सकेगा, जिससे गरीबी रेखा से नीचे आने वाले या आर्थिक स्थिति से कमजोर वर्ग का शैक्षणिक,सामाजिक एवं आर्थिक विकास हो सके।
  • अल्पसंख्यक समुदाय के लिए कराये गये आर्थिक, सामाजिक, शैक्षणिक स्थिति के सर्वेक्षण के आधार पर रोजगार मूलक योजनाओं का लाभ मिलेगा।

विदेश मंत्रालय के अधिकार क्षेत्र में आते हैं – Legal Rights of Minorities Hindi

  1. हज समिति अधिनियम, 2002
  2. हज समिति कानून, 2002
  3. केन्द्रीय हज समिति।

मानव संसाधन विकास मंत्रालय के अधीन आते हैं – Legal Rights of Minorities Hindi

  1. उर्दू भाषा की उन्नति हेतु राष्ट्रीय परिषद् (NCPUL)।
  2. अल्पसंख्यकों की शिक्षा।
  3. अल्पसंख्यकों के शिक्षा संस्थानों के लिए राष्ट्रीय आयोग।
  4. मदरसाओं में स्तरीय शिक्षा प्रदान करने की योजना (SPQEM)
  5. निजी सहायता प्राप्त/ बिना सहायता वाली अल्पसंख्यक संस्थानों (प्राथमिक/ माध्यमिक/ उच्च माध्यमिक विद्यालय) में आधारभूत संरचना विकास की योजना।
  6. बच्चों की निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009.
  7. अल्पसंख्यक महिलाओं में नेतृत्व विकास की योजना

Malik Mehrose
Malik Mehrose is a young entrepreneur, author, blogger, and self-taught developer from Jammu and Kashmir. He is the founder and CEO of SHOPYLL, His startup "SHOPYLL" has emerged a new shine to e-commerce business in Jammu and Kashmir, with a vision to boost the e-commerce ecosystem and to uplift industrialization in Jammu and Kashmir.