एबॉर्शन पिल कैसे इस्तेमाल करे? – How to Use Abortion Pills in Hindi

How to Use Abortion Pills in Hindi – मेडिकल एबॉर्शन या नॉन-सर्जिकल एबॉर्शन, कम दिन की प्रेगनेंसी को टर्मिनेट करने का एक तरीका है। यह दवाओं के द्वारा घर पर किया जाता है। अगर प्रेगनेंसी बहुत कम दिन की है तो ही इस तरीके को इस्तेमाल में लाया जा सकता है।

How to Use Abortion Pills in Hindi

How to Use Abortion Pills in Hindi – मेडिकल एबॉर्शन के लिए दो पिल्स इस्तेमाल की जाती है। माइफ्प्रोस्टोन (Mifepristone) और मिसोप्रोस्टॉल (Misoprostol). पहले प्रेगनेंसी के हार्मोन प्रोजेस्टेरोन को रोकने व गर्भाशय ग्रीवा (uterine cervix) को खोलने के लिए माइफ्प्रोस्टोन 200 mg की गोली खाली पेट ली जाती है। फिर 24–48 घंटे बाद मिसोप्रोस्टॉल की चार गोलियां ली जाती हैं। मिसोप्रोस्टॉल को 24 घंटे से पहले और 48 घंटे के बाद लेने से दवा सही तरह से काम नहीं करती। इसलिए इसे 24–48 घंटे के बीच में ही लिया जाता है। यदि प्रेगनेंसी 63 दिनों की है तो यह तरीका 98% तक कारगर है। ज्यादा दिन की प्रेगनेंसी में यह काम नहीं भी कर सकता है।

Mifepristone क्या है? : Mifepristone, गर्भाशय (Uterus) पर नेचुरल रूप से काम कर रहे हार्मोन प्रोजेस्टेरोन के काम करने को रोकता है। प्रोजेस्टेरोन के कम होने से गर्भाशय की लाइनिंग टूटने लगती है जैसा की पीरियड के दौरान होता है।

  1. Mifepristone, प्रेगनेंसी के विकास को रोकता है।
  2. Mifepristone नाल और भ्रूण को गर्भाशय की परत से अलग करता है।
  3. Mifepristone गर्भाशय ग्रीवा को नरम करता है और फैलाता है।
  4. Mifepristone गर्भाशय में संकुचन लाता है।
  5. Mifepristone को मिसोप्रोस्टॉल के साथ मिलाकर लेने से गर्भपात हो जाता है।

मिसोप्रोस्टॉल क्या है? : मिसोप्रोस्टॉल एक पिल है यह गर्भाशय (Uterus) को कॉन्ट्रैक्ट करता है और ब्लीडिंग और ऐंठन का कारण बनता है। मिसोप्रोस्टोल को Mifepristone के साथ एबॉर्शन के लिए दिया जाता है।

मेडिसिन द्वारा एबॉर्शन कैसे किया जाता है? : दवा द्वारा गर्भपात चिकित्सक की निगरानी में किया जाना चाहिए। इसके लिए आपको डॉक्टर की क्लिनिक में कम से कम दो बार जाने की आवश्यकता होती है। पहले प्रेगनेंसी कन्फर्म करने के लिए और दवा के प्रिस्क्रिप्शन के लिए। दूसरी बार, यह सुनिश्चित करने के लिए कि एबॉर्शन सफल हुआ।

  • पहले दिन: टेस्ट और परामर्श के लिए डॉक्टर की क्लिनिक जाना, डॉक्टर द्वारा कहे जाने पर Mifepristone की 1 टैबलेट लेना।
  • दूसरे-तीसरे दिन: घर पर मिसोप्रोस्टोल की चार गोलियां खानी है या योनि में रखनी है।
  • एक या दो सप्ताह बाद: डॉक्टर की क्लिनिक जाना और गर्भपात हो गया है, को अल्ट्रासाउंड के माध्यम सुनिश्चित करना। यदि गर्भपात नहीं हुआ तो आगे के लिए डॉक्टर को कंसल्ट करना।

यह दवा कैसे लें? : दवाओं को लेने के लिए ऐसे दिन का चुनाव करें, जब अब पूरे दिन आराम कर सकें और घर पर ही रह सकें। घर पर कोई ऐसा हो जिसपर आप भरोसा कर सकें और वो आपकी देखभाल कर सके। यदि किसी भी तरह की इमरजेंसी हो तो वो आपको अस्पताल ले जा पाए। जानकारी प्राप्त करें कि आस-पास में कौन सा क्लिनिक या अस्पताल है, जो की 24 घंटे खुला रहता है। किसी भी तरह की दिक्कत के लिए अपने पास रुपयों का इन्तेजाम रखें। सबसे पहले मेडिकल स्टोर से Mifepristone की एक गोली, मिसोप्रोस्टॉल की 4 गोलियां और कुछ ब्रुफेन टैबलेट लेनी चाहिए उसके बाद पहले दिन Mifepristone की एक गोली लेनी है। दूसरे दिन मिसोप्रोस्टॉल की 4 गोलियां ली जाती है।

  • Mifepristone पिल को पानी के साथ निगल जाएँ। अगर आधे घंटे के अन्दर उलटी हो जाए तो इसे फिर से लें।
  • एक से दो दिन (24-48 घंटे) इन्तेजार करें और फिर दूसरी पिल्स Misoprostol लें।
  • Misoprostol को लेने से करीब आधे घंटे पहले ब्रुफेन टैबलेट लें जिससे दर्द कम हो।
  • Misoprostol की चार पिल्स जीभ के नीचे आधे घंटे तक रखें ताकि यह घुल कर शरीर में जाने लगे। आधे घंटे बाद पानी पी लें जिससे पूरी दवा शरीर के अंदर चली जाए। अगर आधे घंटे के अन्दर उलटी हो जाए तो इसे फिर से लें।
  • दर्द ज्यादा हो रहा हो तो हर 6-8 घंटे पर ब्रूफेन लेनी चाहिए।
  • एस्पिरिन न लें, क्योंकि यह खून को पतला करती है और ब्लीडिंग पर असर डालती है। पीरियड पैन को कम करने वाली दवाएं भी नही लेंनी चाहिए।

कुछ सवालों के जवाब – Some Questions & Answers Related to Medical Abortion

#1.मेडिसिन से एबॉर्शन कब किया जा सकता है? : गोली द्वारा गर्भपात, पिछली माहवारी की डेट से नौ हफ्ते के अंदर तक ही किया जा सकता। यदि आप एबॉर्शन कराने का फैसला ले चुके हैं तो इसे जल्द से जल्द कराना चाहिए।

#2.क्या दवा द्वारा गर्भपात प्रभावी है? : दवा द्वारा गर्भपात लगभग 95 प्रतिशत से 98 प्रतिशत मामलों में प्रभावी है।

#3.क्या इस दवा द्वारा गर्भपात सुरक्षित है? : Mifepristone पर बहुत ज्यादा रिसर्च की गयी है। अमेरिका सहित, 20 से अधिक देशों में लाखों महिलाओं ने गर्भपात के लिए Mifepristone और मिसोप्रोस्टोल का इस्तेमाल किया है। सभी रिसर्च में यह सुरक्षित और प्रभावी पायी गई है। इसका किसी भी तरह का Long term खतरा नहीं देखा गया।

#4.दवा द्वारा गर्भपात के Side effects क्या हैं?

  • ऐंठन
  • ब्लीडिंग
  • जी मिचलाना
  • उल्टी
  • बुखार आदि।

#5.क्या दवा से गर्भपात के साथ कभी भी कोई गंभीर जटिलताएं हुई हैं? : नहीं, ऐसा देखा नहीं गया है।

#6.क्या ऐसे गर्भपात करने से महिला की फर्टिलिटी प्रभावित होती है? : ऐसा कोई sign नहीं हैं कि प्राइमरी गर्भपात के तरीकों में किसी महिला की प्रजनन क्षमता प्रभावित होती है। एबॉर्शन के बाद पीरियड 4-6 हफ्ते में नार्मल होने लगते है।

#7.कैसे पता लगे एबॉर्शन पूरा हो गया? : यदि ब्लीडिंग हुई है और प्रेगनेंसी के लक्षण जैसे जी मिचलाना, उलटी, ब्रेस्ट में बदलाव-दर्द आदि हट गए हैं तो एबॉर्शन हो गया है। लेकिन ब्लीडिंग नहीं हुई और अर्ली प्रेगनेंसी के लक्षण भी है तो एबॉर्शन नहीं हुआ है।

#8.गर्भपात दवाओं न काम करें तो भ्रूण पर क्या असर हो सकता है? : बढ़ते हुए बच्चे पर मिसोप्रोस्टोल का इस्तेमाल करना Congenital deformities (कंजेनिटल डीफ़ोर्मिटीज़) का कारण है। इसलिए,  यदि गोली द्वारा एबॉर्शन फेल हो जाता है तो Surgery द्वारा एबॉर्शन किया दिया जाना चाहिए।

#9.Mifepristone लिए हुए 72 घंटे हो गए हैं लेकिन मैंने मिसोप्रोस्टॉल नहीं ली। क्या अब लें लूं? : हाँ, इसे लें। न लेने से अच्छा है, इसे लें। (Research most strongly supports using misoprostol between 24-48 hours after the Mifepristone।)

#10दवा लेने के बाद क्या होगा? : जब आप Mifepristone लेंगे तो किसी भी तरह का खास असर नहीं होगा। कुछ मामलों में जी मिचलाना, उलटी ललगना या योनि से हल्का खून जा सकता है। ऐसे लक्षण सभी में हों ऐसा ज़रूरी नहीं है। लेकिन जब Misoprostol लेंगे तो गर्भाशय में क्रेम्पिंग होगी और कुछ समय में ब्लीडिंग शुरू हो जायेगी। यह ब्लीडिंग पीरियड की ब्लीडिंग से ज्यादा होती है और लगातार 12 घंटे चल सकती है। कुछ महिलाओं में तेज दर्द हो सकता है और कुछ में कम। पिल्स के द्वारा एबॉर्शन पूरा होने में 2 सप्ताह तक का समय लग सकता है। इसलिए ब्लीडिंग भी 2-4 सप्ताह चलती रहेगी। इसलिए यदि पूरे महीने योनि से खून जाए तो घबराएं नहीं।

#11.मिसोप्रोस्टॉल लिए हुए तीन घंटे हो गए लेकिन ब्लीडिंग नहीं शुरू हुई? : ऐसा अक्सर बहुत कम दिन की प्रेगनेंसी में हो सकता है। मिसोप्रोस्टोल खाने के बाद 3 घंटे बीत चुके हैं और ब्लीडिंग, ऐंठन नहीं हो रही तो, Misoprostol की 2 पिल्स जीभ के नीचे आधे घंटे तक रखें ताकि यह घुल कर शरीर में जाने लगे। आधे घंटे बाद पानी पी लें जिससे पूरी दवा शरीर के अंदर चली जाए। तीन घंटे इन्तेजार करें।

यदि फिर भी ब्लीडिंग नहीं हो रही तो, Misoprostol की 2 पिल्स फिर से पहले के तरीके से लें। अगर, फिर भी ब्लीडिंग नहीं हो रही तो डॉक्टर से संपर्क करें। हो सकता है प्रेगनेंसी गर्भाशय में न हो कर एक्टोपिक हो।

#12.मिसोप्रोस्टॉल लिए हुए 6 घंटे हो गए लेकिन ब्लीडिंग आभी भी ज्यादा है और बड़े ब्लड क्लॉट जा रहें हैं। क्या यह नार्मल है? : हाँ।

#13.एबॉर्शन दवा लिए, 5 सप्ताह हो गए लेकिन अभी भी ब्लीडिंग हो रही है। क्या यह नार्मल है? : हाँ, ऐसा हो सकता है।

#14.इसे लेने के बाद मुझे बुखार, लूज़ मोशन, उलटी, और सिर दर्द हो रहा है। क्या यह नार्मल है? : हाँ, ऐसा हो सकता है। यह दवा के साइड-इफ़ेक्ट हैं।

#15.कौन से लक्षण हैं, जब मुझे तुरंत ही डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए? : अगर, बहुत अधिक ब्लीडिंग हो, जैसे एक घंटे में 2 या दो से ज्यादा थिक वाले पैड भर जाएँ और ब्लीडिंग की इंटेंसिटी कम न हो रही हो, तो हो सकता हेमरेज हो।

#16.बुखार और तेज दर्द हो जो ब्रुफेन से भी न जा रहा हो? : तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। आपको डॉक्टर को यह बताने की ज़रूरत नहीं है कि आपने एबॉर्शन पिल्स ली थीं। ऐसा कोई टेस्ट उपलब्ध नहीं है जिससे आपके बिना बताये डॉक्टर जान सकें की एबॉर्शन पिल्स के कारण ऐसा हो रहा है।

अगर दवाओं को योनि में रख कर लिया गया हो तो शायद डॉक्टर यह जान सकते हैं। खा कर लेने से उन्हें नहीं पता चलेगा। इसलिए डरें नहीं, ऐसा अपने आप हुए गर्भपात से भी हो सकता है। आप डॉक्टर से कह सकती हैं कि मेरे पीरियड में बहुत अधिक ब्लीडिंग हो रही है या बुखार और ब्लीडिंग है जोकि नार्मल नहीं है आदि।

#17.इसे कब नहीं लेना है? : इसे न लें, यदि:

  • 63 दिनों से ज्यादा की प्रेगनेंसी है।
  • Mifepristone या मिसोप्रोस्टोल से एलर्जी है।
  • वंशानुगत पोरफाइरिया है।
  • ब्लीडिंग विकार है या ब्लड थिनिंग दवाएं ले रही हैं।
  • Suspicious ectopic प्रेगनेंसी है।
  • किडनी या जिगर ठीक से काम नहीं कर रहा है।
  • एनीमिया, हृदय रोग या लम्बे समय से स्टेरॉयड या स्टेरॉयड इंजेक्शन ले रही है।
  • आईयूडी, कॉपर टी लगी हुई है।

Malik Mehrose
Malik Mehrose is a young entrepreneur, author, blogger, and self-taught developer from Jammu and Kashmir. He is the founder and CEO of SHOPYLL, His startup "SHOPYLL" has emerged a new shine to e-commerce business in Jammu and Kashmir, with a vision to boost the e-commerce ecosystem and to uplift industrialization in Jammu and Kashmir.