खुश रहने के तरीके – How to be happy in Hindi

How to be happy in Hindi – खुशी हर व्यक्ति चाहता है । जीवन में कहीं-न-कहीं हम खुशियों की तलाश करते हैं । जो भी करते हैं, जो भी करना चाहते हैं, उसमें अपनी खुशी तलाशते हैं । एक तरह से देखा जाए तो खुशी (Happiness) ही हमारे जीने का मक़सद होती है । जीवन की जिस राह में खुशी नहीं है, हम उस राह पर ज्यादा देर तक, ज्यादा दूर तक नहीं चल पाते । यदि चलते भी हैं, तो उदास होकर या किसी मजबूरी में । ख़ुशी के बिना जीवन में नीरसता छा जाती है, जीवन बुझा हुआ-सा प्रतीत होता है और खुशी के साथ मानों जीवन में चहल-पहल हो जाती है, प्रकाश की तरंगें छा जाती हैं । खुशी के पल जीवन को खिलखिला देते हैं, महका देते हैं, एक नई ऊर्जा व उमंग से भर देते हैं । इसलिए ऊर्जावान (Energetic) और प्रेरित (Inspired) बने रहने के लिए व्यक्ति का खुश (Happy) रहना बहुत जरूरी है ।

How to be happy in Hindi

इनसान का मन जब खुश (Happy) होता है, वह अंदर से बहुत हलका व सहज महसूस करता है, लेकिन जब मन में तनाव होता है, परेशानी की लकीरें उसके चेहरे पर आ जाती हैं । मन में तरह-तरह के विचार चलने लगते हैं, नकारात्मकता हावी होने लगती है और वह व्यक्ति अपने भविष्य के लिए चिंता करने लगता है, दुर्घटनाओं की आशंका करने लगता है और ऐसे दृश्यों की कल्पना करने लगता है जिसमें उसका नुकसान हो रहा हो, तरह-तरह से हानि हो रही हो । ऐसे वक्त में वह सोच ही नहीं पाता कि उसके साथ कुछ अच्छा भी हो सकता है ।

जबकि जब मन में खुशी होती है, मन प्रसन्न होता है तो सकारात्मकता (Positivity) उसके जीवन में हावी रहती है । ऐसे समय में ही उसके विचार रचनात्मक (Creative) होते हैं, जीवन इंद्रधनुषीय आभाओं से अपनी चमक बिखेरता है और वह जीवन के नए आयामों, नए परिदृश्यों की खोज करता है ।

यदि किसी व्यक्ति से यह पूछा जाए कि वह अमुक काम क्यों कर रहा है? भले ही वह कार्य अच्छा हो या बुरा, वह यही कहता है कि मुझे ऐसा करने से खुशी मिलती है, आतंरिक प्रसन्नता (Inner Happiness) का अनुभव होता है, संतुष्टि महसूस होती है । खुशी (Happiness), मनुष्य के जीने का आधार है । इसी कारण खुशी को विकास के पैमाने के तौर पर स्वीकारा गया है और दुनिया भर में कई देश इस पर नीतियाँ बनाकर उस पर अमल करने में लगे हैं । यहाँ तक कि संयुक्त राष्ट्र संघ ने दुनिया भर के संगठनों और लोगों से शिक्षा और जागरूकता अभियानों के जरिए प्रसन्नता दिवस (Happiness Day) मनाने की अपील की है ।

हमारे जीवन को आगे बढ़ाने में खुशहाली एक इंजन की तरह काम करती है । यदि हम अपने जीवन में खुश (Happy) व संतुष्ट (Satisfied) रहते हैं तो हमारी मानसिक परेशानियाँ भी हमसे दूर रहती हैं और ज्यादा देर तक हमारे समीप टिक नहीं पातीं । हमें खुशी कैसे मिले? कैसे हमारी खुशी बढ़े? यह जानने के लिए हमें जीवन के उन सूत्रों को जानना और अपनाना होगा, जो हमारे आस-पास ही मौजूद हैं, लेकिन फिर भी हम उनसे अनभिज्ञ हैं ।

How to be happy in Hindi

How to be happy in Hindi – Top 10 Tips

#1. हमारा प्राकृतिक वातावरण  (Our Natural Environment)

हम जिस वातावरण में रहते हैं, प्रकृति ने उसमें अपनी भरपूर कला व सुंदरता बिखेरी है । लेकिन अपनी परेशानियों के कारण हम इसे देख नहीं पाते, इसे महसूस नहीं कर पाते और रोते कलपते रहते हैं । इसकी सुंदरता को वही जान सकता है, महसूस कर सकता है, जिसकी अंधी आँखों में देखने की रोशनी आ जाए । प्रकृति की यह सुंदरता हमें हर पल ख़ुशियों से भरती है, हर क्षण हमें नई महक-नई साँस उपलब्ध कराती है । बस, इसे एक बार निहारने की जरुरत है ।

#2. स्वयं की विशेषता जानें  (Learn Featuring Self)

यदि हम हर समय स्वयं के दोषों को निहारेंगे, स्वयं को दोष देंगे, अपनी कमियाँ देखेंगे तो उदास ही रहेंगे । खुशी (Happiness) हमें तभी मिलती है, जब हम अपने गुणों को प्रश्रय देते हैं, अपने गुणों में वृद्धि करते है और अपनी विशेषताओं का भरपूर उपयोग करते हैं ।

#3. उद्देश्यपूर्ण जीवन जिएँ  (Live Purposeful Life)

वे व्यक्ति जीवन में अधिक खुश (Happy) रहते हैं, जिनके जीवन का उद्देश्य स्पष्ट होता है । जिन व्यक्तियों को यह ज्ञात होता है कि वे अपने उद्देश्य की और बढ़ रहे हैं, अपने लक्ष्य (Goal), अपने गंतव्य की और जा रहे हैं, उनकी प्रसन्नता निरंतर बढ़ती रहती है । ऐसे व्यक्तियों में घबराहट, चिंता, तनाव, बेचैनी व अवसाद जैसी मानसिक परेशानियाँ बहुत कम पनपती हैं और पनपती भी हैं तो ज्यादा देर तक स्थिर नहीं रह पातीं ।

लेकिन जिन व्यक्तियों को अपने उद्देश्य का पता नहीं होता, वे यों ही जीवन में एक अनिश्चितता होती है, असंतुष्टि होती है कि पता नहीं वे कहाँ जा रहे हैं, क्या प्राप्त कर रहे हैं । इसलिए जीवन को उद्देश्यपूर्ण (Purposeful) बनाना ख़ुशियों (Happiness) को हासिल करना है ।

#4. हर पल कुछ नया सीखें  (Learn Something New Every Day)

जीवन में सीखने के लिए बहुत कुछ है । जीवन में बहुत कुछ ऐसा है, जिसे हम नहीं जानते, लेकिन वह हमारे लिए जरूरी है, लाभदायक है और उसे जानकर, सीखकर हम अपनी काबिलियत बढ़ा सकते हैं । नया सीखने की यह जो प्रकिया है, यह हमें बहुत कुछ सिखाती है, हमारी ख़ुशियों (Happiness) को बढ़ाती है और साथ ही हमारी योग्यता में भी वृद्धि करती है ।

#5. सकारात्मक दृष्टिकोण रखें  (Keep Positive Attitude)

यदि ख़ुशियाँ प्राप्त करनी हैं, तो यह हमें केवल सकारात्मक सोच (Positive Thinking) के साथ ही मिल सकती हैं । जीवन में नकारात्मकता एक ऐसा अंधियारा है, जो हमसे हमारी खुशी छीन लेता है, हमारे उन परों को काट देता है, जो हमें उन्मुक्त आकाश में उड़ाते हैं और हमें अपार ख़ुशियों से भरते हैं । इसलिए आगे बढ़ने के लिए, ख़ुशियाँ (Happiness) बढ़ाने के लिए हमें सकारात्मकता (Positivity) को अपनाना चाहिए और नकारात्मकता (Negativity) से कोसों दूर रहना चाहिए ।

#6. गिर कर संभलना सीखें  (Learn Recoup Falling)

जीवन में बहुत सारी ऐसी परिस्थितियां हमारे सामने आती हैं, जिनमें हम सफल नहीं हो पाते । बहुत-सी ऐसी ठोकरें लगती हैं, जिनकी पीड़ा से हम कराह उठते हैं, ऐसे अवसरों पर भी हमें संभलना – सीखना होगा । अपने जख्मों को भरना और फिर से संघर्ष (Struggle) करने के लिए दोगुने उत्साह से उठ खड़े होना ही श्रेष्ठ मनुष्य की पहचान है । वही मनुष्य खुश रहता है और सफल कहा जाता है, जो स्वयं को गिरने नहीं देता, यदा-कदा गिरने पर स्वयं को संभालना सिख लेता है और दूसरों को भी सहारा देता है ।

#7. मदद के लिए सदैव आगे बढ़ें  (Always Be Ready To Help)

दूसरों की मदद करना, उनकी सहायता करना भी हमें अपार सुख देता है, आतंरिक प्रसन्नता (Inner Happiness) देता है । मदद करने से हमारा अहंकार गलता है, इससे हमारे रिश्ते सुधरते हैं, प्रगाढ़ होते हैं और मदद करने की हमारी सेवा – भावना हमें अपार आंतरिक ख़ुशी प्रदान करती है, संतुष्टि देती है ।

#8. स्वास्थ्य का रखें ख़याल  (Keep Health Care)

हमारे शरीर और मन का संबंध एक दूसरे से जुड़ा है, एक दूसरे पर आश्रित है । यदि शरीर स्वस्थ है तो मन भी स्वस्थ होगा और यदि शरीर अस्वस्थ है तो मन भी चिडचिडा हो जाएगा । इसी तरह यदि मन बहुत परेशान है तो शरीर पर उस परेशानी का प्रभाव पड़ेगा, उसके शारीरिक क्रियाकलाप में अंतर पड़ेगा, इससे बीमारियाँ बढ़ेगी ।

लेकिन यदि मन स्वस्थ व प्रसन्न है तो शरीर की बीमारियाँ भी लंबे समय तक टिक नहीं पाएँगी, शरीर का स्वास्थ्य लाभ जल्दी होगा । इसलिए खुश (Happy) रहने के लिए हमारे शरीर व मन का स्वस्थ रहना बहुत ज़रूरी है, अन्यथा हम ख़ुशियों के पलों को महसूस नहीं कर पाएँगे ।

#9. दूसरों से जुड़ें, अपनत्व बढ़ाएं  (Join Others and Increase Affinity)

दूसरों से जुड़ाव, लगाव, अपनत्व हमें बहुत सारी ख़ुशियाँ देता है । इसलिए संबंध जोड़े जाते हैं, संबंध बनाए जाते हैं और उन्हें निभाया जाता है । जो व्यक्ति दूसरों के साथ बड़ी आसानी से सहज रहते हैं, सामंजस्य बिठा लेते हैं, अपनत्व जोड़ लेते हैं, वे ख़ुशियाँ पाते हैं और ख़ुशियाँ बिखेरते हैं ।

#10. अपना उज्ज्वल भविष्य निहारें  (Imagine Your Future)

जो व्यक्ति अपने भविष्य को अपार संभावनाओं, ख़ुशियों से भरपूर निहारते हैं, उनका वर्तमान तो अच्छा रहता ही है, उनका भविष्य भी उज्ज्वल रहता है; क्योंकि उज्ज्वल भविष्य की संभावना व्यक्ति के अंदर सकारात्मकता (Posititvity) का बीजारोपण करती है और उसके भविष्य को सुंदर बनाती है ।

ख़ुशी (Happiness) पर हर व्यक्ति का नैसर्गिक अधिकार है । कोई इसे हमसे छीन नहीं सकता, बजाय हम इसे अपनाए रहें, इसे गुम न होने दें । जीवन का हर पल हमें ख़ुशियों से भर सकता है, यदि हम इसमें ख़ुशियाँ निहारें ।

How to be happy in Hindi

Malik Mehrose
Malik Mehrose is a young entrepreneur, author, blogger, and self-taught developer from Jammu and Kashmir. He is the founder and CEO of SHOPYLL, His startup "SHOPYLL" has emerged a new shine to e-commerce business in Jammu and Kashmir, with a vision to boost the e-commerce ecosystem and to uplift industrialization in Jammu and Kashmir.