CBI और CID में क्या अंतर है? – Deference Between CID and CBI in Hindi

Deference Between CID and CBI in Hindi – CID और CBI आमतौर पर दो अलग-अलग जांच एजेंसियां हैं और इनकी Field of investigation  भी अलग-अलग होती है. CID एक स्टेट के अन्दर घटित होने वाली घटनाओं की जाँच करती है और यह स्टेट गवर्नमेंट के आर्डर पर काम करती है जबकि CBI पूरे देश में होने वाली अलग-अलग घटनाओं की जाँच का काम संभालती है और इसको आर्डर देने का अधिकार सेंट्रल गवर्नमेंट, हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के पास होता है. इतना जानने के बाद अब यह जानना जरूरी हो जाता है कि आखिर CID और CBI में क्या अंतर होता है.

Deference Between CID and CBI in Hindi

CID (Crime Investigation Department) क्या है?: CID का फुल फॉर्म Crime Investigation Department है जो कि एक स्टेट में Crime investigation department के रूप में जानी जाती है. CID  एक स्टेट में पुलिस का जांच और खुफिया विभाग (intelligence department) होता है. इस डिपार्टमेंट को मर्डर, दंगा, किडनेपिंग, चोरी वगैरह की जाँच के काम सौंपे जाते हैं. CID की स्थापना, Police commission की सिफारिश पर ब्रिटिश सरकार ने 1902 में की थी. पुलिस कर्मचारियों को इसमें शामिल करने से पहले special training दी जाती है. इस डिपार्टमेंट को जाँच का जिम्मा राज्य सरकार और कभी कभी उस राज्य के हाई कोर्ट द्वारा सौंपा जाता है.

CBI (Central Bureau of Investigation) क्या है?: Central Bureau of Investigation  यानि CBI, भारत में सेंट्रल गवर्नमेंट की एक एजेंसी है, जो नेशनल और इंटरनेशनल लेवल पर होने वाले अपराधों जैसे हत्या, घोटालों, भ्रष्टाचार के मामलों और National interests  से जुड़े हुए अपराधों की भारत सरकार की तरफ से जाँच करती है. CBI एजेंसी की स्थापना 1941 में हुई थी और इसे अप्रैल 1963 में “केंद्रीय जांच ब्यूरो” का नाम दिया गया था, जिसका headquarter नई दिल्ली में है.

Delhi Special Police Establishment Act, 1946 ने CBI  को जांच की पावर्स दी हैं. भारत सरकार राज्य सरकार की सहमति से राज्य में मामलों की जांच करने का आदेश CBI को दे सकती है. हालांकि, सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट राज्य सरकार की सहमति के बिना भी ही देश के किसी भी राज्य में अपराधिक मामले की जांच के लिए CBI को आदेश दे सकते हैं.

CID  और CBI के बीच प्रमुख अंतर-Deference Between CID and CBI in Hindi

  1. CID  के ऑपरेशन का क्षेत्र छोटा (केवल एक प्रदेश) है, जबकि CBI के ऑपरेशन का क्षेत्र बड़ा (पूरा देश और विदेश) है.
  2. CID के पास जो भी मामले आते हैं उन्हें राज्य सरकार या हाई कोर्ट के द्वारा सौंपा जाता है जबकि CBI को मामले सेंट्रल गवर्नमेंट, हाई कोर्ट या सुप्रीम कोर्ट के द्वारा सौंपे जाते हैं.
  3. CID स्टेट में होने वाले आपराधिक मामलों जैसे दंगा, हत्या, अपहरण, चोरी और हमले के मामलों सहित स्टेट में दूसरे आपराधिक मामलों की भी जांच करती है जबकि CBI नेशनल और इंटरनेशनल लेवल के घोटालों, धोखाधड़ी, और हत्या जैसे मामलों की देश और विदेश में जांच करती है.
  4. यदि किसी व्यक्ति को CID में शामिल होना है तो उसे स्टेट गवर्नमेंट द्वारा आयोजित की जाने वाली पुलिस परीक्षा पास करने के बाद अपराध-विज्ञान (Criminology) की परीक्षा पास करनी होती है जबकि CBI  में शामिल होने के लिए SSC बोर्ड द्वारा आयोजित परीक्षा को पास करना होगा.
  5. CID  की स्थापना ब्रिटिश सरकार द्वारा 1902 में की गयी थी जबकि CBI  की स्थापना 1941 में Special police establishment के रूप में की गयी थी.

ऊपर दिए गए अंतरों के आधार पर यह उम्मीद की जाती है कि अब सभी लोगों को CBI और CID के कार्यों और इनके कार्य क्षेत्रों के बारे में किसी भी प्रकार का कोई दुविधा नही होगी.

Malik Mehrose
Malik Mehrose is a young entrepreneur, author, blogger, and self-taught developer from Jammu and Kashmir. He is the founder and CEO of SHOPYLL, His startup "SHOPYLL" has emerged a new shine to e-commerce business in Jammu and Kashmir, with a vision to boost the e-commerce ecosystem and to uplift industrialization in Jammu and Kashmir.