क्रूरता है तलाक का आधार – Cruelty is the basis of divorce Hindi

क्रूरता है तलाक का आधार – Cruelty is the basis of divorce Hindi

Cruelty is the basis of divorce Hindi

Cruelty is the basis of divorce Hindi – वर्ष 1976 में हिंदू विवाह अधिनियम 1955 में संशोधन करके इसमें क्रूरता को भी जोडा गया। पहले क्रूरता में शारीरिक प्रताडना को ही तलाक का आधार माना जाता था, मगर संशोधन के बाद अब मानसिक प्रताडना के आधार पर भी दंपती तलाक के लिए आवेदन कर सकते हैं।

जब साथ रहना हो मुश्किल – When difficult to live with

दास्ताने बनाम दास्ताने (एआइआर 1975 सुप्रीम कोर्ट 1534) में कहा गया कि किसी स्त्री पर मानसिक अत्याचार हुआ या नहीं, यह जांचने के लिए सामाजिक, पारिवारिक, आर्थिक, सामाजिक पृष्ठभूमि, रीति-रिवाज, पारिवारिक परंपराएं, जाति, समुदाय, परवरिश और लोगों के विचार जैसे कई पहलुओं को आधार बनाना जरूरी है। इसके बाद यह देखना जरूरी है कि पति-पत्नी एक-दूसरे के साथ रह सकते हैं या नहीं। अदालत देखती है कि यदि साथ रहने से एक पक्ष को मानसिक अशांति, वेदना या पीडा मिलती हो, उसे अपमानित होना पडता हो तो यह मानसिक क्रूरता है।

इस आधार पर तलाक मिलना चाहिए। कभी-कभी शारीरिक चोट पहुंचाने की धमकी देना भी क्रूरता की श्रेणी में आता है, क्योंकि यह धमकी भविष्य में वास्तव में कार्यान्वित भी हो सकती है। यदि तलाक न होता तो स्थिति भयावह हो सकती है।

धमकी देना भी होगा आधार – Threatening will also be the basis

कभी-कभी संबंध बाहरी तौर पर सामान्य लगते हैं। मगर वे यातना भरे भी हो सकते हैं। इसका प्रभाव मानसिक-शारीरिक सेहत पर पडने लगे तो यह भी तलाक का आधार हो सकता है। (पुतुल देवी बनाम गोपी मंडल, एआइआर 1963 पटना 1993)

दास्ताने बनाम दास्ताने में पति-पत्नी में ऊपरी तौर पर अच्छा संबंध था। मगर पत्नी धमकी देती थी कि वह आत्महत्या कर लेगी, घर को आग लगा देगी और अखबार में खबर छपवा देगी कि ससुराल वालों ने उसे प्रताडित किया। वह घर वालों को गालियां देती, उन्हें अपमानित करती। उसके व्यवहार से पति का मानसिक सुकून खो गया। उसे अपने परिवार की सुरक्षा की चिंता सताती थी। वह नौकरी और सम्मान खोने के भय से ग्रस्त रहता था।

क्या है क्रूरता – What is Cruelty 

राजेंद्र सिंह जून बनाम तारा (एआइआर 1980 इलाहाबाद 213) के अनुसार क्रूरता का अर्थ है, दूसरों को नाखुश देखकर खुद खुश होना या दूसरों की पीडा से लापरवाह होना। ऐसा व्यक्ति अकारण दूसरों को प्रताडित कर सकता है। यह व्यवहार क्रूरता की श्रेणी में आता है। यदि किसी को अपने पार्टनर के अच्छे-बुरे या सुख-दुख से मतलब नहीं है तो इसका अर्थ है कि वह क्रूर है। लेकिन यह जरूरी नहीं कि किसी खास परिस्थिति में एक किस्म का व्यवहार क्रूरता हो तो दूसरी स्थिति में भी वैसे व्यवहार को क्रूरता की श्रेणी में रखा जाए। हर मुकदमे में क्रूरता की व्याख्या बदल जाती है। यह हजारों तरह की होती है। पति यदि पत्नी से आपराधिक इतिहास छुपाता है या पारिवारिक मसलों पर ध्यान नहीं देता तो यह क्रूरता है।

कुछ और कारण – Other Besis

व्यक्तिगत तौर पर गंदगी करने या पर्सनल हाइजीन का ध्यान न रखने, हर बात पर मीन-मेख निकालने, मूड स्विंग, पत्नी को अनदेखा करने, शारीरिक संबंध न बनाने या इससे बार-बार इंकार कर अपमानित करने, पार्टनर को उपेक्षित महसूस कराने, बच्चा न पैदा करने, अप्राकृतिक शारीरिक संबंध बनाने का दबाव डालने, शराब पीने, चरित्र के बारे में बुरी बातें कहने या पार्टनर पर शक करने, पार्टनर और उसके रिश्तेदारों को बिना कारण अपमानित करने, आत्महत्या की धमकी देने, पुलिस में झूठी रिपोर्ट दर्ज कराने या पार्टनर के ऑफिस में गलत रिपोर्ट देने, पति को बिना बताए गर्भपात कराने या पत्नी या पति को बिना बताए नसबंदी कराने, बिना कोई कारण बताए या सूचना दिए ससुराल छोड कर जाने जैसे कई आधार हो सकते हैं, जिन्हें क्रूरता की श्रेणी में रखा जा सकता है और ये तलाक के कारण बन सकते हैं।

Malik Mehrose
Malik Mehrose is a young entrepreneur, author, blogger, and self-taught developer from Jammu and Kashmir. He is the founder and CEO of SHOPYLL, His startup "SHOPYLL" has emerged a new shine to e-commerce business in Jammu and Kashmir, with a vision to boost the e-commerce ecosystem and to uplift industrialization in Jammu and Kashmir.