सोशल मीडिया पर सावधान कैसे रहें? – Be careful on social media Hindi

सोशल मीडिया पर सावधान कैसे रहें? – Be careful on social media Hindi

Be careful on social media Hindi

Be careful on social media Hindi – सोशल मीडिया का क्रेज ऐसा है कि बच्चे-बड़े कोई इससे बचा नहीं है। यह कई मायनों में मददगार भी है लेकिन सावधानी न बरती जाए तो सोशल मीडिया कई खतरों का सबब भी बन सकता है। आइये जानते है सोशल मीडिया से होने वाले खतरों और बचाव के बारे में।

सोशल मीडिया किसी मसले पर क्रांति ला सकता है तो मनोरंजन भी कर सकता है। हर जानकारी मुहैया कराता है तो भूले-बिसरे दोस्तों से भी मिलाता है, लेकिन गुस्सा, घृणा, नाराजगी को भी बढ़ाता है। यहां लोग ठगे भी जाते हैं और रत्ती भर गलती से जान भी जा सकती है। वैसे तो तकरीबन हर सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म पर अफवाह फैलाकर या बेवकूफ बनाकर पैसे कमाता हुआ कोई-न-कोई मिल जाता है, लेकिन फेसबुक, वट्सऐप और ट्विटर पर यह खतरा ज्यादा होता है। जानते हैं, सोशल मीडिया पर कैसे-कैसे जाल में फंसते हैं लोग और कैसे आप बच सकते हैं:-

इमोशनल ट्रैप – Emotional Trap

बात 2014 की है। राधा (काल्पनिक नाम) ने सिर्फ एक ‘लाइक’ की वजह से आत्महत्या कर ली। स्कूल स्टूडेंट राधा ने एक पोस्ट लाइक किया। पोस्ट में शनि भगवान की फोटो थी और लिखा था ‘आज शनिवार है तो शनि भगवान की फोटो को लाइक करना तो बनता है’। राधा ने लाइक कर दिया। दो ही दिन बाद क्लास के लड़कों ने उसका रेट पूछना चालू कर दिया। फिर उसकी एक दोस्त ने बताया कि लड़कों ने किसी अश्लील साइट पर उसकी फोटो देखी है। बस तंग आकर उसने आत्महत्या कर ली।

दरअसल, जैसे ही राधा ने पोस्ट लाइक किया, पोस्ट करने वाले को फेसबुक नोटिफिकेशन मिला। राधा के नाम पर क्लिक करते ही उसका प्रोफाइल खुल गया। फोटो सेक्शन में जाकर उसने राधा के कुछ अच्छी फोटो सेव कर अश्लील साइट पर अपलोड कर दी इस टाइटल के साथ: आपको अगर मुझसे गरमा गरम बातें करनी हैं तो इस नंबर पर फोन करें। जाहिर है, उसकी क्लास के लड़कों ने जब उसकी फोटो अश्लील साइट पर देखी तो उसे छेड़ना शुरू कर दिया। परेशान होकर राधा ने खुदकुशी कर ली।

यहां तो फिर भी असली फोटो इस्तेमाल हुई, फ्रॉड लोग तो किसी अश्लील फोटो पर किसी भी लड़की का चेहरा मॉर्फ कर लगा देते हैं। ऐसे में याद रखिए अपनी प्राइवेसी बदल कर ‘पब्लिक’ के बजाय ‘फ्रेंड्स’ कर लीजिए।

दरअसल, हम भारतीय काफी इमोशनल होते हैं। अक्सर चीजों को दिल पर ले लेते हैं, फिर चाहे धर्म से जुड़ी बात हो, सैनिकों की बात हो या फिर कोई और मसला। जब आप फेसबुक पर एक फोटो देखते हैं जिसमें एक प्यारा-सा बच्चा हो और लिखा हो कि उसे ब्रेन ट्यूमर है, आपके पोस्ट को लाइक या शेयर करने से उस बच्चे के इलाज के लिए फेसबुक या वॉट्सऐप पैसे देगा या फोटो को आपके ‘लाइक’ करने से या ‘आमीन’ लिखने से बच्चा बच सकता है तो अक्सर आप लाइक पर क्लिक कर देते हैं या आमीन लिख देते हैं। क्यों? क्योंकि आपको बच्चे पर दया आती है और लगता है कि शायद आपके लाइक पर क्लिक करने का फायदा उस बच्चे को मिल जाएगा। आपको क्या लगता है कि भगवान भी इस पोस्ट पर आंखें गड़ाए बैठे हैं और ‘लाइक’ गिन रहे हैं? अगर लाख हुए तो बच्चे को जीने देंगे, लेकिन 99999 हुए तो मार देंगे! भगवान तो नहीं, पर इन लाइक्स पर कोई और जरूर नजरें गड़ाए बैठा है। ऐसी फोटो आपकी भावनाओं का फायदा उठाने के लिए पोस्ट किए जाते हैं।

आप तो एक लाइक करके भूल जाएंगे, लेकिन पोस्ट करने वाला अपने मकसद में लगा होता है कि लाखों लाइक उसकी बात का वजन बढ़ाएंगे। वैसे तो दुनिया के किसी दूसरे कोने में बैठा इंसान आपके बारे में, आपका नाम आदि नहीं जानता, पर जब आप ऐसे पोस्ट को लाइक करते हैं तो उसे आपका प्रोफाइल मिल जाता है जिससे वे आपकी फोटो उठा लेते हैं। मतलब यह तो ‘आ बैल मुझे मार’ वाली बात हो गई! महिलाओं के लिए यह खतरा ज्यादा होता है।

क्या हो सकता है आपकी फोटो का? – What will be happen with your photo

  • लड़की/महिलाओं की फोटो किसी अश्लील वेबसाइट पर पोस्ट कर दी जाती है और ऐसे मेसेज लिखे होते हैं: अगर मुझसे गरमागरम बातें करनी हों तो इस नंबर पर कॉल करें। उसके साथ नंबर विदेश का होगा जिस पर बात करने के लिए प्रति मिनट 100 रुपये तक लगते हैं।
  • आपकी फोटो किसी वेबसाइट की मार्केटिंग के लिए इस्तेमाल की जा सकती है। ऐसी वेबसाइट्स पर कॉन्टेंट तो कुछ खास नहीं होता, लेकिन विज्ञापनों की भरमार होती है जिससे वे कमाई करते हैं।
  • यह भी संभव है कि उस पोस्ट पर जो लिखा है उसे बदल कर कुछ और लिख दें, मसलन आपकी पसंद के उलट कोई धार्मिक या राजनीतिक बात।

कैसे बचें – How to avoid, Be careful on social media Hindi

  • अनजान फोटो (भगवान, सैनिक, बीमार आदि) पर लाइक/शेयर/कमेंट बिल्कुल न करें।
  • ऐसे पोस्ट को इग्नोर करें और अपने जानकारों को सही जानकारी दें।
  • हमेशा अपनी फोटो/जानकारी वगैरह को पोस्ट करते वक्त ‘फ्रेंड्स’ सिलेक्ट करें, ‘पब्लिक’ कतई नहीं।
  • पहले की भी पोस्ट्स पर जाकर उनकी शेयरिंग में ‘फ्रेंड्स’ कर दें।
  • प्राइवेट सेटिंग्स रखें। खासकर लड़कियां/महिलाएं अपने पोस्ट्स/फोटो आदि सिर्फ दोस्तों तक ही सीमित रखें।
  • फैमिली और पर्सनल फोटोज़ को सिर्फ कस्टमाइज्ड ग्रुप में ही शेयर करें।

इसके लिए Settings में जाकर Who can see my stuff में जाएं। यहां More Options में जाकर आप फैमिली, क्लोज्ड फ्रेंड्स या किसी और ग्रुप को चुन सकते हैं, जैसे कि कॉलेज के फोटो सिर्फ कॉलेज के दोस्तों के साथ, घर के, किसी शादी-त्योहार के सिर्फ रिश्तेदारों के साथ शेयर करें। अब सवाल उठता है कि भई, हमें तो फेसबुक पर बरसों हो गए, हजारों पोस्ट हो गए, अब सबकी प्राइवेसी कैसे बदली जाए? इसके लिए फेसबुक ने एक रामबाण इलाज दिया है। आप उसे आजमा लीजिए, खास कर वे लड़कियां जो दिन में 4 सेल्फी डालती हैं।

ऐसे करें सेटिंग्स चेंज: Account Settings – Privacy – Limit the audience for posts (तीसरे नंबर पर) – Limit Old Posts – Confirm

इसके बाद आपकी पुरानी सभी पोस्ट भी प्राइवेट हो जाएंगी।

मनी ट्रैप – Money Trap

आपको वक्त-बेवक्त मेसेज आता है ‘सस्ती दर पर लोन चाहिए’… ‘क्या आप घर खरीदना चाहते हैं?’… ‘क्या आपको इन्वेस्ट करना है?’ आदि आदि। ‘ट्राई करने में क्या जाता है, कौन-सा अपना पैसा जा रहा है’ यह सोचकर लोग ऐसे मेसेज आगे बढ़ा देते हैं। आजकल हर किसी को वट्सऐप पर एक जैसे मेसेज कोई-न-कोई रिश्तेदार या दोस्त भेजता रहता है। सस्ता पाने के लालच में हम ऐसे मेसेज को बढ़ावा देते हैं। ऐसे ही कुछ मेसेज हैं:

  • – Amazon पर सिर्फ 1 रुपये में पेन ड्राइव
  • – Flipkart पर सिर्फ 1 रुपये में मोबाइल
  • – LED बल्ब फ्री में
  • – या कुछ भी जिसकी ज्यादा बातें हो रही हैं या टीवी/पेपर पर विज्ञापन आ रहे हैं।

दरअसल, ठग सिर्फ 150-200 रुपये में पॉप्युलर साइट के नाम से एक वेबसाइट का नाम (कुछ बदलाव के साथ) बुक करा लेते हैं। यह पेज बिलकुल Flipkart, Amazon या दूसरी पॉप्युलर वेबसाइट जैसा दिखता है। इस पर आपको जो बताया गया होता है, उसका फोटो होता है। फिर आपकी डिटेल्स मांगी जाती हैं। आप डिटेल्स शेयर करते हैं तो वह सारी जानकारी उनके डेटाबेस में जाती है। बस हो गया उनका काम! अब मुफ्त या बेहद सस्ता लेने के चक्कर में लग गया न आपको चूना और हो गई ठगों की चांदी। दरअसल, हर वॉट्सऐप ग्रुप में कम-से-कम 25 लोग होते हैं। आपने अगर 8 ग्रुप में मेसेज शेयर किया तो 200 लोगों के मन में लालच पैदा हुआ।

25 लोगों में से कम-से-कम 5 तो करेंगे, फिर वे और उनके 8 ग्रुप में तो सोचिए सिर्फ एक दिन में यह मेसेज लाखों लोगों तक पहुंच जाएगा। किसी बड़ी कंपनी को टेली-मार्केटिंग करनी होती है तो वह किसी बड़ी मोबाइल कंपनी से लाखों रुपये देकर हमारे नंबरों का डेटाबेस खरीदते हैं, पर यहां तो सिर्फ 150 रु लगाकर ये लोग बहुत कम में (करीब 2-4 लाख) में छोटी कंपनियों को बेच देते हैं। तो यह तो लॉटरी हो गई! 150-200 रुपये का टिकट और लाखों की कमाई, वह भी सिर्फ चंद दिनों में और बिना कोई मेहनत। फंस जाते हैं आप। इसके बाद कुछ-न-कुछ बेचने के लिए भर-भर के SMS और फोन कॉल आने लगते हैं। इसका असली फायदा किसी और को होता है और आप ठगे जाते हैं।

कैसे बचें – Be careful on social media Hindi

  • वेबसाइट का नाम और उसकी स्पेलिंग ध्यान से देखें।
  • यह भी गौर करें कि क्या उस मेसेज को 5-10 वट्सऐप ग्रुप्स में शेयर करने को कहा गया है?

दरअसल, हम सोचते हैं कि ऐमजॉन या फ्लिपकार्ट जैसी बड़ी कंपनी की तरफ से आया है तो घपला नहीं होगा। वेबसाइट के नाम और पेज पर कंपनी का नाम भी दिख रहा होता है। लेकिन नकली वेबसाइट का नाम लंबा और चिन्हों से बना होता है, कोई भी सिंपल और ऑरिजिनल (www.Amazon.com, www.flipkart.com आदि) नहीं होता। ऐसे मेसेज में आपका नाम, मोबाइल नंबर और अड्रेस की मांग की जाती है।

  • ऐसे किसी भी मेसेज को आगे शेयर न करें, जहां जरूरत से ज्यादा सस्ता सामान मिलने का दावा किया जा रहा है।
  • अगर किसी अनजान नंबर से ऐसा मेसेज आया हो तो उस नंबर को ब्लॉक कर दें।
  • अगर आपका कोई जानकार ऐसे मेसेज शेयर करे तो उसे भी इससे परहेज करने को कहें।
  • ऐसे किसी भी मेसेज में दिए यूआरएल पर क्लिक करने से बचें और मेसेज को दूसरों के साथ शेयर भी न करें।
  • दूसरों को भी ऐसा करने से रोकें और बताएं कि यह फेक मेसेज है।

पॉलिटिकल ट्रैप – Political Trap

Be careful on social media Hindi – राजनीतिक मकसद के लिए सबसे ज्यादा झूठ बोला जाता है और सोशल मीडिया का भी इसमें जमकर इस्तेमाल हो रहा है। सोशल मीडिया के जरिए राजनीतिक झूठ फैलाने के कई फायदे और मकसद हैं जैसे कि पार्टी या नेता के लिए लोगों के दिल में इज्जत बढ़ाना, किसी दूसरे के खिलाफ नफरत बढ़ाना, किसी पार्टी के अजेंडे को आगे बढ़ाना आदि।

  • कोई पॉलिसी या जनता के लिए कोई काम कभी किसी पूर्व मंत्री ने किया हो, उसे भी नया बता कर फैलाया जाता है। या तो उस पॉलिसी के बारे में लोगों को पता ही नहीं होता या फिर लोग उसके बारे में भूल जाते हैं और उस खबर को सही समझने लगते हैं।
  • फोन नंबर 104 से आप जरूरत होने पर अपने घर या कहीं भी ब्लड बैंक से खून मंगा सकते हैं। यह नंबर चालू तो बरसों पहले हुआ था, लेकिन अब इसे प्रधानमंत्री मोदी की सौगात के रूप में फैलाया जा रहा है।
  • फोन नंबर 1098 को यह कहकर पेश किया जा रहा है कि इस पर फोन करने पर लोग आपका बचा हुआ खाना उठाने आएंगे ताकि जरूरतमंदों के बीच बांटा जा सके। हकीकत यह है कि यह नंबर बरसों पहले एक एनजीओ ने चालू किया था। यह एनजीओ बच्चों की देखरेख करता है। यह नंबर इसलिए शेयर किया गया था कि कहीं कोई गुम हुआ बच्चा मिले तो एनजीओ को फोन करें। लेकिन अब बचे खाने के नाम पर इस नंबर पर इतने फोन आने लगे हैं कि एनजीओ को अपना असली काम करने में दिक्कतें आने लगी हैं।
  • एक और फोटो में महात्मा गांधी को बाबा साहेब आंबेडकर के पैर छूते दिखाया था जबकि वे दो अलग-अलग फोटो थे। एक आंबेडकर का फैमिली फोटो था, दूसरे में गांधी जी दांडी मार्च में जमीन पर से नमक उठा रहे थे। दोनों को मिक्स करके नया फोटो तैयार किया गया था।

ट्विटर पर बहुत-से सिलेब्रिटी/नेता हैं जो अपनी मर्जी से कुछ भी लिखते हैं। लोग चाव से उन्हें पढ़ते हैं और जवाब देते हैं। अब यहां दो बातें होती हैं:

1. किसी सिलेब्रिटी या नेता का ट्वीट लेकर कंप्यूटर से उसे बदल कर झूठ फैलाने वाले लोग अपनी मर्जी से कुछ भी लिख देते हैं। यह देखने में असली लगता है, पर होता नहीं है।

2. लोग किसी एक शख्सियत के नाम से छोटे-मोटे बदलाव (कोई निशान या स्पेलिंग बदलकर) के साथ दूसरे हैंडल बना लेते हैं। फिर इनके स्क्रीनशॉट लेकर वट्सऐप या फेसबुक पर हजारों की संख्या में कुछ भी शेयर करते हैं जिससे लोगों पर प्रभाव पड़ता है।

– झूठ के बल पर दंगे भड़काने की कोशिश भी की जाती है। कुछ महीने पहले कश्मीर में काफी तनाव था। लोग परेशान थे पर सोशल मीडिया पर लोग दंगे भड़काने के लिए बरसों पुराने या दूसरे देशों के फोटो नई कह कर शेयर कर रहे थे। इन फोटो के जरिए आपकी देशभक्ति की भावनाओं का फायदा उठाने की कोशिश की जा रही थी। सब फोटो पर एक लाइन होती थी : ‘बिका हुआ मीडिया आपको यह सचाई नहीं दिखाएगा। अगर आप सच्चे भारतीय हो तो हर ग्रुप में जरूर फॉरवर्ड करो।’ ऐसा पहले भी कई बार हो चुका है।

कैसे बचें – Be careful on social media Hindi

  • किसी भी फोटो या मेसेज पर आंख मूंदकर भरोसे करने से बचें। अगर आप गौर से देखेंगे और सोचेंगे तो कई तरह के झूठ खुद ही पकड़ लेंगे।
  • किसी भी नंबर को आगे फॉरवर्ड करने से पहले एक बार खुद मिलाकर जांच लें।
  • किसी के नाम से फैल रहे मेसेज की सचाई खुद भी इंटरनेट पर जाकर जरूर चेक कर लें।

ट्विट को चेक करने के लिए सामने वाले का अकाउंट वेरिफाइड या है नहीं, यह जरूर चेक करें। वेरिफाइड अकाउंट के सामने एक नीले गोले में सफेद टिकमार्क होता है जिससे पता चलता है कि वह असली है। जिनके हैंडल पर ऐसा नहीं होता तो देखें कि उनके कितने फॉलोअर्स हैं और वह कैसा ट्वीट करते हैं? जैसे कि किसी हीरो के नाम (थोड़ी स्पेलिंग बदल कर) का हैंडल होगा, पर उसके सिर्फ 1000-2000 ही फॉलोअर्स होंगे और करीबन सारे ट्वीट राजनीति से भरे होंगे। साथ ही, फिल्म/अवॉर्ड फंक्शन आदि के बारे में कुछ खास नहीं होगा। ऐसे में मान लें कि वह फेक हैंडल है।

अफवाह फैलाने पर कानूनी सजा – Legal punishment on rumor spread

झूठी अफवाह फैलाने पर आईपीसी 153 और 505 के तहत कानूनन सजा हो सकती है। हाल में स्व. जयललिता के अस्पताल में भर्ती होने के बाद वट्सऐप पर अफवाह फैलाने के लिए तमिलनाडु पुलिस ने 8 लोगों को सेक्शन 505 के तहत गिरफ्तार किया था। इसलिए कभी भी राजनीतिक/धार्मिक आदि मेसेज जब तक कन्फर्म ने कर लें, आगे न भेजें।

ब्रैंड राइवलरी का गेम – Brand Rivalry Game

कॉर्पोरेट वर्ल्ड में लोग अपने ब्रैंड को बेहतर साबित करने या दूसरे को खराब जताने के लिए सोशल मीडिया का खूब इस्तेमाल करते हैं। जैसे कि मोबाइल फटने की अफवाह। एक ही फोन, अलग-अलग वक्त पर, अलग-अलग जगहों पर अलग-अलग लोगों के जख्मों के साथ दिखता है। आप ही बताइए कि 3-4 लोगों के पास बिल्कुल एक ही तरह से टूटा हुआ फोन कैसे हो सकता है? यहां तक कि जख्मी भी लोग मोबाइल फटने से नहीं हुए होते हैं। वे फोटो किसी दंगे की होती हैं या फिर किसी और वजह से जले इंसानों की होती हैं।

कैसे बचें – Be careful on social media Hindi

– ऐसी फोटो को तवज्जो न दें। जहां तक फटने की बात है तो कोई भी फोन फट सकता है तो क्या मोबाइल इस्तेमाल करना बंद कर देंगे?

खबरों का खेल समझें

अक्सर लोग चैनलों और अखबारों के नाम पर झूठी खबरें खूब फैलाते रहते हैं। लोग टीवी पर चलती हुई न्यूज का मोबाइल से फोटो लेकर उस पर फोटोशॉप में जाकर कुछ भी लिख देते हैं। फिर वट्सऐप पर लोगों को भेजने लगते हैं या फिर फेसबुक पर पोस्ट कर देते हैं। इस तरह लाखों लोगों तक यह झूठ पहुंच जाता है।

कैसे बचें – Be careful on social media Hindi

गौर से देखेंगे तो इस तरह की फोटो में जो न्यूज़ दिख रही है, उसकी सफेदी, लोगो, नीचे छोटी ब्रेकिंग न्यूज़ वाली पट्टी और बैकग्राउंड के लाल रंग में भी हल्का-सा फर्क होता है। फॉन्ट भी अलग होता है। और सबसे बड़ी बात, अगर यह न्यूज़ इतनी बड़ी है तो किसी और मीडिया या गूगल पर क्यों नहीं?

डेटिंग ट्रैप – Dating Trap

जैसा कि आपको पहले बताया, लोग फेसबुक आदि से लड़कियों की फोटो चुराकर डेटिंग प्रोफाइल बनाते हैं और फिर किसी लड़के के प्रोफाइल पर कुछ दिन नजर रखते हैं। फिर किसी लड़की का फोटो, कोई काल्पनिक नाम इस्तेमाल कर दोस्ती करते हैं। अंत में कोई सर्विस/वेबसाइट आदि जॉइन करने को कहते हैं या फिर किसी की मदद के नाम पर पैसा ठग लेते हैं।

कैसे बचें – Be careful on social media Hindi

डेटिंग साइट्स से दूर रहें या जब तक सामने वाले से असल में मिल न लें, दूर रहें।

लाइक्स का गेम – Game of Likes

‘लाइक’ का मतलब है कि किसी फेसबुक पेज के ‘लाइक’ पर क्लिक करना। इससे उस पेज पर कुछ भी आएगा वह आपको दिखेगा। अब फिर यहां आपकी भावनाओं का फायदा उठाया जाता है। ऐसे पेज कुछ ऐसा नाम रखते हैं जो आपको पसंद हो जैसे ‘मैं भारतीय सेना को सपोर्ट करता हूं’। अब जहां सेना का नाम आ जाता है, लोगों की सोचने की शक्ति कम पड़ जाती है और देशभक्ति की भावना बढ़ जाती है। ऐसे पेज 4-5 सैनिकों की फोटो पोस्ट करते हैं जिनमें ज्यादातर झूठे होते हैं। ये किसी फिल्म से या किसी दूसरे देश की सेना से लिए जाते हैं। फिर भगवान की फोटो आपकी दिलचस्पी बनाए रखने डाल दिए जाते हैं। इन सबके बीच में या तो कोई वेबसाइट का लिंक (जो नाम से न्यूज वाली लगती है) या किसी राजनैतिक नेता की तारीफ वाली पोस्ट होती हैं। ऐसी न्यूज जैसी वेबसाइट भी होती है, जिनके पेज पर चारों ओर विज्ञापन भरे मिलते हैं। ध्यान रखें कि भावनाओं में बहकर किसी भी अनजान फोटो या पेज को लाइक न करें।

सचाई कैसे देखें – Be careful on social media Hindi

  • आपको अगर किसी मेसेज की सचाई जांचनी है, तो उसमें से चुनिंदा शब्द या फिर पूरा वाक्य गूगल में टाइप करें। न्यूज सही होती है तो अक्सर वहां मिल ही जाती है।
  • फोटो में कुछ लिखा हो तो वही शब्द या जिस जगह/चीज के बारे में हो उसका नाम गूगल पर इमेजेज सेक्शन में जाकर ढूंढें।
  • जरूरी नहीं कि न्यूज या इमेज गूगल के पहले पेज पर ही मिले। कभी-कभी थोड़ा आगे जाना पड़ता है।
  • ज्यादातर सर्च में गूगल पर न्यूज/इमेज के सामने तारीख भी लिखी आती है, जिससे पता चलता है कि यह बिलकुल नई बात है या बरसों पुरानी।
  • यहां खास बात यह है कि यह तारीख नहीं बदली जा सकती।

हर लिंक पर न करें क्लिक – Be careful on social media Hindi

कई लिंक आपको ऐसी वेबसाइट पर ले जाते हैं, जहां कोई स्क्रिप्ट आपके ब्राउज़र पर खतरे का मेसेज दिखाएगी। मोबाइल वाइब्रेट होने लगेगा और अगर आप डर कर दिए हुए बटन को दबाएंगे तो कोई ऐप डाउनलोड हो जाएगा जो सिर्फ विज्ञापन ही दिखाएगा। ब्राउज़र फोन को धीमा भी कर देगा इसीलिए किसी अनजान लिंक पर न क्लिक करें।

कहां कर सकते हैं शिकायत?

अगर किसी ने आपकी फोटो का गलत इस्तेमाल किया है या आपके नाम से कोई गलत मेसेज लोगों को भेजा है तो आप सीबीआई की साइबर सेल में शिकायत कर सकते हैं।

अड्रेस-Address: सीबीआई साइबर क्राइम सेल, सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस, साइबर क्राइम इन्वेस्टिगेशन सेल, सीबीआई, 5th फ्लोर, ब्लॉक 3, सीजीओ कॉम्प्लेक्स, लोधी रोड-3, लोधी रोड

फोन: 011- 436-2203, 439-2424

वेबसाइट: cbi.nic.in, ईमेल [email protected]

इसके अलावा इकनॉमिक ऑफेंसेस विंग (EOW) के अंदर साइबर सेल में भी शिकायत कर सकते हैं।

अड्रेस-Address: असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस, साइबर क्राइम, पुलिस ट्रेनिंग स्कूल कॉम्प्लेक्स, मालवीय नगर

फोन: 011-26515229

ईमेल: [email protected]

Credit : पंकज जैन

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Malik Mehrose
Malik Mehrose is a young entrepreneur, author, blogger, and self-taught developer from Jammu and Kashmir. He is the founder and CEO of SHOPYLL, His startup "SHOPYLL" has emerged a new shine to e-commerce business in Jammu and Kashmir, with a vision to boost the e-commerce ecosystem and to uplift industrialization in Jammu and Kashmir.